कड़ाके की ठंड से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, सोमवार को भी लोग दिनभर कांपते रहे। अधिकतर लोग अपने घरों में ही दुबके रहे। पारा लुढ़कने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
गलन और ठंड से घर से लेकर दफ्तरों तक में काम करना मुश्किल हो रहा है। लगभग हर वर्ग और आयुवर्ग के लोगों की दिनचर्या काफी प्रभावित रही। सोमवार को दोपहर तक कोहरा छाए रहने से लोग अपने घरों में दुबके रहने को मजबूर रहे। दिनभर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सोमवार की सुबह से ही घना कोहरा छाने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। न्यूनतम पारा आठ डिग्री सेल्सियस के नीचे आने से ठंड और गलन में इजाफा हो गया है। आंख खुलते ही घना कोहरा देख लोगों की परेशानी बढ़ गई।
अपराह्न करीब एक बजे कोहरे के बादल छंटे तो लोगों ने थोड़ी राहत महसूस की, लेकिन गलन और ठंडी हवाओं के चलते सूर्य की रोशनी भी बेअसर रही। दो घंटे बमुश्किल आसमान साफ रहा।
उसके बाद कोहरा एक बार फिर शाम होते ही दस्तक देने लगा। कड़ाके की पड़ रही ठंड में सार्वजनिक स्थानों पर अलाव न जलने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
प्रशासन की ओर से कहीं भी अलाव की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। इससे यात्रियों और राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।