ज्ञानपुर। मौसम ने मंगलवार को फिर पलटी मारी। सुबह धुंध और बादलों के बीच पछुआ हवाओं से न्यूनतम और अधिकतम पारा चार से पांच डिग्री लुढ़क गया। इससे गलन बढ़ गई और दिनभर लोग ठंड से ठिठुरते रहे। हवाओं के सामने धूप भी बेअसर हो गई। ठंड दूर करने के लिए लोग अलाव के पास बैठे रहे।
पिछले दिनों पर्वतीय इलाकों में हुई बर्फबारी के चलते सामान्य हो रहे मौसम ने एक बार फिर से करवट ले लिया है। तीन से चार दिनों तक सामान्य मौसम रहने के बाद मंगलवार को सुबह अचानक मौसम बदल गया। कोहरे के घने साए में सुबह हुई तो सर्द पछुआ हवा के झोकों से लोग कांपने लगे। गलन में वृद्धि होने से जन-मानस बेहाल हो गया। सुबह बिस्तर से निकले लोग राहत पाने के लिए अलाव के आसपास ही चिपके रहे। तीन दिनों तक एक से दो कपड़े पहनकर निकलने वाले लोग गर्म कपड़ों में दिखे। तीन दिन पूर्व न्यूनतम तापमान जहां 14 डिग्री रहा, वहीं अब सात डिग्री तक पहुंच गया है, जबकि अधिकतम 27 से 22 पर आ गया। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि पछुआ हवाओं से गलन बढ़ी रहेगी। कोहरा छाने के साथ ही धूप भी निकलेगी। वहीं दूसरी ओर नगरीय क्षेत्रों में जल रहे अलाव ठंडे पड़ चुके हैं। इसके चलते जरूरी कार्यों से निकलने वाले राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से अलाव जलाने के दावे भी फेल हो चुके हैं। गिने-चुने स्थानों को छोड़ दिया जाए तो कहीं भी अलाव नहीं जल रहा है। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने मौसम को फसल के लिए लाभकारी बताया। कहा कि ठंड और गलन गेहूं के लिए फायदेमंद है। इससे फसलों का विकास तेजी से होगा।