Mercury reached 41 degrees, strong winds also lasted
चैत्र के पहले ही दिन गर्मी अपना प्रभाव दिखाने लगी। पारा 40 के पार चला गया। इस दौरान 21 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलीं, लेकिन तीखी धूप में वह भी राहत देने की बजाए लपट की मानिंद लगती रहीं। अप्रैल शुरू होने से पहले ही गर्मी का यह तीखापन देख लोग सहम गए। अंदाजा लगाया जाने लगा कि जब अभी यह हाल है तो आने वाले मई-जून में गर्मी की तीक्ष्णता का क्या हाल होगा।
उधर, धूप के चलते दोपहर में सड़कें सूनी हो गई। लोग शरीर ढक ही बाहर निकले।गर्मी के तेवर बुधवार को अचानक तल्ख हो गया। जिले का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे पूर्व अधिकतम तापमान 38 डिग्री से नीचे ही चल रहा था।बुधवार को न्यूनतम तापमान 23 डिग्री दर्ज किया गया। इससे रात और दिन के तापमान में बड़ा अंतर आने की वजह से सामान्य जनजीवन की मुश्किलें और बढ़ गईं हैं।
तापमान में आए बदलाव के चलते आर्द्रता घटकर 19 पर पहुंच गई। गर्मी बढ़ने के कारण नवरात्र का व्रत रखने वालों की मुश्किलें भी बढ़ीं। काम के सिलसिले में सड़कों पर निकले लोग धूप से बेहाल नजर आए। लिहाजा नीबू-पानी, खीरा-ककड़ी और अन्य ठंडे पेय पदार्थों की तलब बढ़ी और इन दूकानों पर लोगों की भीड़ लगी रही। यही वजह थी कि कल तक चहल-पहल से गुलजार रहने वाली सड़कें बुधवार को दोपहर में सूनी हो गईं। महिलाओं और युवतियों को सिर से पांव तक शरीर को ढंककर घर से बाहर निकलना पड़ा।