तेज धूप से बचने के लिए गुरुवार को चेहरे को बांधकर साइकल से जातीं छात्राएं।
उत्तर-पश्चिम से आ रहीं गर्म हवाओं के चलते बृहस्पतिवार को समूची कालीन नगरी पूरे दिन दहकती रही। सुबह सात बजे से ही चढ़ते पारे ने दुश्वारियां बढ़ानी शुरू कर दी, जो देर रात तक सामान्य जनजीवन के लिए मुश्किलों का सबब बनी रही। जिले का अधिकतम तापमान 41 डिग्री दर्ज किया गया। साथ ही वातावरण में 30 फीसदी तक पहुंचे आर्द्रता के स्तर ने चिपचिपी गर्मी से लोगोें को बेहाल किए रखा।
भीषण गर्मी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को सुबह 8:30 बजे ही जिले का तापमान 35 डिग्री पहुंच गया। सुबह मैदान से टहल कर घर पहुंचे लोग प्रचंड गर्मी से बेहाल हो उठे। गर्मी के तेवर में अचानक आई तल्खी लोगों की समझ से बाहर हो गई थी। पूरे दिन घर और बाहर लोगों को चैन नहीं मिला।
शाम को धूप में थोड़ी कमी आने के बाद बड़ी संख्या में लोग टहलने के लिए बाहर निकल पड़े। खुले स्थानों और खेल के मैदानों में लोगों की भीड़ जमा रही। हालांकि इससे लोगों को केवल क्षणिक राहत ही मिल सकी।
हवाएं न चलने के कारण रात में भी गर्मी और उमस से लोग बेहाल रहे। नगरीय जनजीवन सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। सुकून की तलाश में लोग देर रात तक खेल के मैदान, रेलवे स्टेशन, पार्कोँ आदि खुले स्थानों पर टहलते रहे। इससे पूर्व दिन में 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली लू ने शरीर को झुलसा कर रख दिया।