दोपहर के समय आसमान में छाया बादल। संवाद
ज्ञानपुर। जिले में सोमवार को दिनभर मानसूनी आहट तो मिली, लेकिन बादलों के जमघट के बीच उमस ने लोगों का हाल-बेहाल किए रखा। सोमवार को अधिकतम तापमान करीब चार डिग्री गिरकर 37 डिग्री पर पहुंच गया। वहीं न्यूनतम तापमान भी दो डिग्री की गिरावट के साथ 30 डिग्री दर्ज किया गया। करीब तीन सप्ताह बाद अधिकतम तापमान 40 डिग्री के नीचे आया है। बादलों को देखकर लोग गर्मी से जल्द राहत मिलने की उम्मीद लगाए हैं। मौसम विभाग ने भी इस सप्ताह मानसून आने की पूरी संभावना जताई है।
जिले में बीते तीन सप्ताह से तल्ख धूप, उमस और लू का असर देखने को मिल रहा है। मानसूनी देरी का ऐसा असर रहा कि लोग उमस, गर्मी और लू की तिहरी मार से बेहाल हो उठे हैं। जिले में मानसून करीब दो सप्ताह लेट हैं। रविवार की शाम से ही जिले की आबोहवा बदली-बदली रही। हवाओं में नमी से ठंडक का एहसास हुआ, लेकिन इस बीच उमस ने लोगों का हाल बेहाल किया रहा। सोमवार की सुबह से ही आसमान में बादलों का जमघट देखने को मिला। दोपहर के समय धूप ज़रूरी खिली, लेकिन बादलों के आँख-मिचौली का खेल दिनभर चलता रहा। आसमान में छाए काले और भूरे बादल से लोग दिनभर बारिश का इंतजार करते रहे, लेकिन बारिश नहीं हो सकी।
इस बीच पूरे दिन बदन भीगा देने वाली उमस लोगों को बेहाल करती रही। स्थिति यह रही कि पंखे के नीचे बैठे लोग भी पसीने से तरबतर होते रहे। शाम के समय बादल और गहरे हुए। इस दौरान लगातार हवाओं में नमी बनी रही। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के प्रभारी डॉ. अजीत चतुर्वेदी ने बताया कि भारत के अधिकांश हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक के लिए परिस्थितियाँ पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं। उत्तर प्रदेश सहित मध्य और उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों में भारी बारिश और गरज के साथ मानसून के आगे बढ़ने की पूरी संभावना है, ऐसे में जिले में भी इस सप्ताह तक मानसून आ सकता है। जिससे भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। बताया कि सोमवार को बादलों के असर से अधिकतम तापमान चार डिग्री गिरावट के साथ 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान दो डिग्री गिरावट के साथ 30 डिग्री दर्ज किया गया।