ज्ञानपुर। महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. वर्तिका अग्रवाल के त्यागपत्र दिए जाने के करीब तीन महीने बाद जिला अस्पताल में प्रसूताओं का ऑपरेशन शुरू किया गया है। डीएम शैलेश कुमार के निर्देश पर सर्जन डॉ. छत्रपाल को प्रसूताओं के ऑपरेशन की जिम्मेदारी मिली है। प्रसूताओं को करीब 15 किलोमीटर दूर महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय (एमबीएस) भेजा जाता था। जिला अस्पताल में रोजाना 700 से 800 की ओपीडी होती थी। इसमें से 70 से 80 ओपीडी महिलाओं की होती है। जिन्हें जांच करके दवा दी जाती है। निजी कारण से करीब तीन महीने पहले महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. वर्तिका अग्रवाल ने त्याग पत्र दे दिया था। त्याग पत्र के तीन महीने बाद भी अब तक उनका त्याग पत्र अभी स्वीकृति नहीं हुआ है, लेकिन वे अस्पताल आना छोड़ दी हैं। अस्पताल में चार महिला डॉक्टर हैं। इसमें प्रसूताओं का ऑपरेशन डॉ. वर्तिका द्वारा ही किया जाता था। वहीं, अन्य महिला चिकित्सक ओपीडी करती हैं। डॉ. वर्तिका के त्याग पत्र देने के बाद अस्पताल में बंद पड़े ऑपरेशन के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों में सीजर के लिए जाना पड़ता था। इससे उन्हें आर्थिक रूप से परेशानी होती थी। अस्पताल में हर महीने होने वाले 15 से 20 ऑपरेशन बंद हो गए थे। मरीजों को या तो निजी या फिर एमबीएस भेजा जाता था। मरीजों और तीमारदारों को होने वाली परेशानी को देखते हुए जिलाधिकारी ने सीएमओ डॉ. एसके चक को वहां सर्जन की तैनाती के निर्देश दिए। इसके बाद सीएमओ ने सर्जन डॉ. छत्रपाल व बेहोशी के एसएस यादव की ड्यूटी लगाई है। शुक्रवार को एक प्रसूता का ऑपरेशन किया गया है।
डॉ. वर्तिका के त्याग पत्र के बाद से ही अस्पताल में ऑपरेशन नहीं हो रहे थे। अब सर्जन व बेहोशी के चिकित्सक की तैनाती कर दी गई है। इसके बाद फिर से प्रसूताओं का ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। - डॉ. अजय तिवारी, सीएमएस, जिला अस्पताल।