भदोही/ज्ञानपुर। आम बजट में केंद्र सरकार द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम के बाजारीकरण का संकेत देते ही कर्मचारियों में उबाल आ गया है। मंगलवार को जनपद के भदोही और ज्ञानपुर एलआईसी शाखा कायालयों पर कर्मचारियों ने एक से डेढ़ घंटे हड़ताल कर विरोध-प्रदर्शन किया। इसमे अभिकर्ता भी शामिल रहे। इस दौरान लोगों ने प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। चेतावनी दी गई कि यदि केंद्र सरकार ने निगम का बाजारीकरण पर रोक नहीं लगाई तो सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे।
नेशनल फेडरेशन आफ इंश्योरेंस फील्ड वर्क्स आफ इंडिया के बैनर तले जुटे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार पूंजीपतियों के इशारे पर काम कर रही है। उसका ध्यान गरीब, किसानों, मजदूरों, असहायों की ओर कम पूंजिपतियों पर अधिक है। गत दिनों इसी निगम को मुनाफे वाली संस्था घोषित कर बाजारीकरण न होने देने का दावा खोखला साबित हुआ है। प्रदर्शन करने में जिला शाखा अध्यक्ष रविकांत, गुलाबचंद, गोपाल उपाध्याय, महेंद्र सिंह, अतुल श्रीवास्तव, संतोष पांडेय, जितेंद्र तिवारी, विशाल सरोज, सुधीर गुप्ता, राजेश तिवारी, पंकज त्रिपाठी, अनूप अग्रवाल, रवि जायसवाल आदि रहे।उधर भदोही एलआईसी कार्यालय के बाहर निगम कर्मियो ने दोपहर 12.30 बजे से एक घंटे कार्य बहिष्कार कर मुख्य द्वार पर धरना देकर नारेबाजी की। वाराणसी डिजिजन इंश्योरेंश इम्प्लाइज एसोसिएशन के भदोही अध्यक्ष अभिरूप चटर्जी ने कहा कि भारत की अत्यंत लोकप्रिय बीमा संस्थान को केंद्र सरकार डुबोना चाहती है। कहा कि निगम के विनिवेशीकरण का भारत सरकार का कदम दुखद व चिंताजनक है। धरने में बीमा अभिकर्ता संगठन सहित अन्य सहयोगी संगठन भी शामिल रहे। धरना में अजय सोनकर, अवधेश कुमार, अनिल कुमार, महावीर, नरेंद्र दूबे, दिनेश यादव, राकेश रावत, नवल श्रीवास्तव, हीरालाल, राजेश, धर्मेंद्र, अकबाल अहमद, अखिलेश पाल, रशीद अहमद, केके श्रीवास्तव आदि।