ज्ञानपुर (भदोही)। निजामुद्दीन मरकज की जमात से शिरकत कर लौटे बांग्लादेशी नागरिकों के करीबियों की टोह ली जा रही है। खुफिया एजेंसियों ने उनकी तलाश तेज कर दी है। एक महीने तक मरकज के गेस्ट हाउस में छिप कर रह रहे लोगों के स्थानीय स्तर पर और लोगों से संबंध हो सकते हैं। ऐसे लोग क्राइम ब्रांच और आईबी के निशाने पर हैं।
निजामुद्दीन मरकज की जमात से शिरकत कर पिछले दिनों 11 बांग्लादेशियों समेत 14 लोग भदोही पहुंचे और भदोही नगर के काजीपुर स्थित मरकज कमेटी के गेस्ट में कई दिनों तक रुके। कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर जारी गाइडलाइन के विपरीत कार्य करने पर तीन दिन पूर्व प्रशासन ने सभी पर विधिक कार्रवाई की। 11 बांग्लादेशियों के वीजा जब्त किए जा चुके हैं। जांच में भले ही सभी के सैंपल निगेटिव मिले हों, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से पुलिस सतर्क है।
गाजियाबाद, मेरठ संग दूसरे शहरों में जमातियों की ओर से चिकित्सकों पर थूकने और पुलिस पर पत्थरबाजी की घटना को लेकर पुलिस अलर्ट हो गई है। बांग्लादेशी कालीन नगरी में कब-कब आए और किसके यहां वह ठहरते थे। किन-किन लोगों से उनके संपर्क रहे। सभी की कुंडली खंगाली जा रही है। सूत्रों की मानें तो आईबी, एलआईयू और क्राइम ब्रांच मामले में गंभीरता से जांच कर रही है। जमात में शामिल मो. शारिक दिल्ली में ही क्वारंटीन बताया जा रहा है। उसके आने का भी इंतजार किया जा रहा है।