मोढ़। दिल्ली के मरकज का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ था कि बुधवार की शाम को कोछिया में जौनपुर के एक मौलवी ने दर्जनों मुस्लिमों को नमाज अदा करने के लिए एकत्रित कर लिया। मामले की खबर मिलते ही पुलिस वहां पहुंच गई। पुलिस को आते देख सभी वहां से गायब हो गए। पुलिस ने मौलवी समेत नौ के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को लेकर देश भर में लॉकडाउन है। इस दौरान किसी भी धर्म के किसी कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी जा रही है। धारा 144 प्रभावी होने से पांच से अधिक लोगों को एकत्रित नहीं होने दिया जा रहा है। इसको लेकर अधिकतर मंदिरों में ताला बंद है, लेकिन कुछ लोग नियमों को ताक पर रखकर कोरोना वायरस संक्रमण फैलाने में भूमिका अदा कर दे रहे हैं। बुधवार की रात आठ बजे सुरियावां थानाक्षेत्र के कोछिया गांव की मुस्लिम बस्ती में ऐसा ही मामला सामने आया। जौनपुर के बरसठी थानाक्षेत्र के आलमगंज का निवासी मौलवी मोहम्मद इसरार गांव में आया।
उसने अल्लाह की इबादत के लिए नमाज अदा करने एवं जलसा करने की बात कहकर बस्ती के 50 से अधिक लोगों को एकत्रित कर लिया। इसकी खबर लगते ही सुरियावां थाने के सब इंस्पेक्टर श्रीराम यादव, शिवशंकर राम, कांस्टेबल संतोष उपाध्याय और इस्टालिन सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस को देख भीड़ तितर बितर हो गई। लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर पुलिस ने मौलवी मो. इसरार के अलावा कोछिया निवासी मजीर, मो. अली, शमीम, रिजवान, आदाब, इम्तियाज, सद्दाम और नूरमोहम्मद के खिलाफ आईपीसी की धारा 188, 269, 270 के तहत मुकदमा दर्ज किया।