बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। जर्जर और पुराने मकान बारिश के सीलन से धराशायी हो जा रहे हैं। सोमवार को मोढ़, कटेबना समेत दर्जन भर से अधिक स्थानों पर मकान गिरने से हजारों का सामान नष्ट हो गया। कटेबना में दंपती घायल हो गए और छह बकरियां दबने से मर गई।
30 से 50 साल पूर्व बने कच्चे मकान बारिश नहीं सह पा रहे हैं। रविवार की रात और सोमवार को कई स्थानों पर कच्चे मकान गिर गए। ज्ञानपुर से सटे भिदिउरा गांव में आला चौहान का कच्चा मकान गिरने से गृहस्थी का सामान दबकर नष्ट हो गया। इसी तरह गांव के ही बलवंता यादव का कच्चा मकान गिर गया। घर में रखा भूसा, उपली, गेहूं, चावल आदि दब गया। कटेबना में रविवार को भोर में मधई पाल के घर की दीवाल गिर गई। इससे दबने से मधई पाल (70) का एक पैर टूट गया जबकि उनकी पत्नी बबली आंशिक रूप से घायल हो गई। दीवाल के नीचे दबने से छह बकरियां मर गई। सोमवार को सुबह हल्का लेखपाल ने मुआयना किया। चकलोला गांव में विद्याधर दूबे, सरई पटखानी में पारसनाथ तिवारी का कच्चा मकान गिरने से हजारों का सामान नष्ट हो गया। मोढ़ संवाददाता के अनुसार, बारिश से इलाके के बदलीपुर गांव निवासी गंगाशरण यादव, देवदासपुर में शंभू चौरसिया, बढ़ियानी में लालचंद्र बिंद, रामधनी बिंद का कच्चा मकान गिरने से घरेलू सामान दबकर नष्ट हो गया।