नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव परिणाम को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई में बृहस्पतिवार को मंसूर अहमद के पक्ष में फैसला आया। जनपद एवं सत्र न्यायालय मिर्जापुर ने भाजपा प्रत्याशी विजय बहादुर सिंह की ओर से दाखिल पुनर्मतगणना कराने संबंधी वाद को खारिज कर दिया। न्यायालय के फैसले के बाद कांग्रेस से निर्वाचित पालिकाध्यक्ष मंसूर अहमद की जीत पर कानूनी मुहर लग गई। अभियोजन के अनुसार
नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में मतगणना पूरी होने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने मंसूर अहमद को विजयी घोषित किया था। हालांकि, परिणाम से असंतुष्ट भाजपा प्रत्याशी विजय बहादुर सिंह ने चुनाव में निष्पक्षता नहीं बरते जाने का आरोप लगाते हुए पुनर्मतगणना की मांग की थी। इसके लिए न्यायालय में वाद दाखिल किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य विधिक पहलुओं का अवलोकन किया गया। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने पुनर्मतगणना कराने की मांग वाले वाद को खारिज कर दिया। फैसले की जानकारी मिलते ही मंसूर अहमद के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। पालिकाध्यक्ष मंसूर अहमद ने कहा कि चुनाव के दौरान मतगणना निर्वाचन विभाग के अधिकारियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के एजेंटों की मौजूदगी में पारदर्शी तरीके से हुई थी। उन्होंने कहा कि जनता के मतों से मिली जीत के बाद न्यायालय के फैसले ने भी सच्चाई को मजबूत किया है।