कलेक्ट्रेट परिसर का निरीक्षण करतीं मंडलायुक्त प्रीती शुक्ला।
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ज्ञानपुर। जिले की नोडल अधिकारी और मंडलायुक्त प्रीति शुक्ला ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ कोविड-19 के नियंत्रण की समीक्षा बैठक की। उसके बाद कोविड कमांड सेंटर का औचक निरीक्षण किया। इसमें आधा दर्जन कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। सभी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया।
कमिश्नर ने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी का एक भी संक्रमित अगर गांव में मिलता है तो संबंधित एरिया को हॉटस्पाट के रूप में घोषित किया जाए। कंटेनमेंट एरिया में आवागमन को पूरी तरक रोकने का निर्देश दिया। सैनिटाइजेशन, साफ-सफाई, चिकित्सा व्यवस्था को सुनिश्चित करने, होम डिलेवरी की सुविधा कराने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की जारी एडवाइजरी का प्रशासन पालन कराए। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रो में एक केस मिलने पर 100 मीटर की परिधि या पूरा मोहल्ला कंटेनमेंट जोन बनाया जाए। एक से ज्यादा केस होने पर कंटेनमेंट जोन का दायरा 200 मीटर की परिधि का होगा। इसके पूर्व कोविड कमांड सेंटर का निरीक्षण किया तो वहां की व्यवस्था की पोल खुल गई। सेंटर पर तैनात पुलिस और प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी गैर हाजिर रहे। इसको लेकर मंडलायुक्त ने गहरी नाराजगी जताई। कहा कि संक्रमण काल में ऐसी स्थिति ठीक नहीं है। भविष्य में ऐसा होने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डॉ. लक्ष्मी सिंह ने बताया कि जिले में एल-2 में 15 ऑक्सीजन सिलिंडर, 12 वेंटिलेटर और 10 आईसीयू बेड की सुविधा दी गई है। बैठक में डीएम राजेंद्र प्रसाद, एडीएम शैलेंद्र कुमार मिश्र आदि रहे।