फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhadohi News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा

विज्ञापन
विज्ञापन
अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम लोकेश कुमार मिश्रा की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा सुनाई है। दोषी पर 10 हजार अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने दो साल पुराने मामले में फैसला सुनाया है। इस मामले दोषी ने दुष्कर्म के बाद पीड़िता से विवाह कर लिया था लेकिन अदालत ने इसे अपराध से मुक्ति का आधार नहीं माना।
विज्ञापन

अभियोजन के मुताबिक वर्ष 2024 में ऊंज क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग से दुष्कर्म की घटना हुई। इस मामले में पुलिस ने दोषी संतोष कुशवाहा निवासी ग्राम लखनऊरी देवरिया जिला मुजफ्फरनगर बिहार के खिलाफ पाॅक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में भेजा गया। जहां दोनो पक्ष के अधिवक्ताओं में बहस हुई। शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि 17 साल की उम्र में दुष्कर्म जैसी घटना की गई। इसका प्रभाव संपूर्ण समाज पर पड़ता है। इससे पीड़िता को मानसिक और शारीरिक नुकसान हुआ। समाज में ऐसी घटना न हो इसलिए कठोर सजा दिया जाना चाहिए। दोषी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि अभियुक्त का यह पहला अपराध है। अभी उसकी उम्र मात्र 23 साल है। उसकी पारिवारिक हालत ठीक नहीं है। उसने पीड़िता से शादी कर ली है। अब दोनों साथ रह रहे हैं। इसलिए कम से कम दंड दिया जाए। कोर्ट ने संतोष के वकील के तर्क को अपराध की मुक्ति का आधार नहीं माना। कहा कि दोषी ने पीड़िता की कम उम्र एवं नासमझी का फायदा उठाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। ऐसे मामलों में पीड़िता की सहमति का कोई महत्व नहीं होता है। कोर्ट ने मामले में दोषी संतोष कुशवाहा को 10 वर्ष कठोर कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को दो माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें