ज्ञानपुर। भ्रष्टाचार के आरोप में घिरे मैलोना के लेखपाल मुरलीधर पर निलंबन की गाज गिर गई। एसडीएम भान कुमार ने लेखपाल को निलंबित कर तहसील से संबद्ध कर दिया है। डीएम शैलेष कुमार की सख्ती से लेखपालों में खलबली मची हुई है। सभी तीनों तहसीलों के 10 लेखपाल अधिकारियों की रडार पर हैं। इसमें चार अकेले ज्ञानपुर के हैं। इनके खिलाफ भी कई शिकायतें आई हैं।
बीते बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जन सुनवाई के दौरान चंदापुर की महिला नीलम चौबे ने प्रार्थना पत्र दिया। उन्होंने मैलोना के हल्का लेखपाल मुरली पर 85 हजार रुपये लेने के बाद भी पति के नाम वरासत न करने का आरोप लगाया। उन्होंने तहरीर में बताया कि उनके ससुर के निधन के बाद पति का नाम कूटरचना कर नहीं चढ़ाया गया, जबकि इसके लिए रुपये भी दिए गए। जमीन पर उनके चाचा हरिश्चंद्र का ही नाम चढ़ाया गया। डीएम के निर्देश पर पुलिस आरोपी लेखपाल को कोतवाली ज्ञानपुर ले गई। जहां देर शाम धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार समेत कई अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। अब लेखपाल पर विभागीय कार्रवाई कर दी गई है। सोमवार को एसडीएम भान सिंह ने लेखपाल मुरली को निलंबित कर दिया। उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार के मसले पर कोई ढील नहीं दी जाएगी।