अभियान के तहत नौनिहालों का वजन कराकर यह पता लगाया जाएगा कि बच्चा कुपोषण से पीड़ित है या नहीं। अभियान के लिए छह प्रभारी, 30 सेक्टर प्रभारी, सुपरवाइजरों को नामित किया गया है। आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों का वजन शत प्रतिशत कराने का दिशा-निर्देश दिया है।
जिले के ग्रामीण और नगरीय इलाकों में अति कुपोषित और कुपोषित बच्चों की संख्या को सही अंकित करने के लिए सरकार ने राज्य पोषण मिशन योजना के तहत वजन कराने के लिए निर्देश दिया है। जिले में दो चरणों में सात और 10 सितंबर को तीन-तीन ब्लाकों के एक-एक ग्रामसभाओं में बच्चों का वजन किया जाएगा। अभियान को शत प्रतिशत सफल बनाने के लिए प्रशासन ने छह प्रभारी अधिकारी, 30 सेक्टर प्रभारी को नामित किया है। मुख्य विकास अधिकारी आरपी मिश्रा ने बताया कि एक सेक्टर प्रभारी के निगरानी में 25 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा, एएनम रहेंगी। छह ब्लाकों में छह प्रभारी अधिकारी नामित हैं। इसमें सीएमओ, डीडीओ, एडीएम और तीनों एसडीएम शामिल हैं। 15 दिन से लेकर पांच साल तक के बच्चों का वजन किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग, बेसिक शिक्षा, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को निर्देशित किया गया है कि अगस्त महीने तक सभी बच्चों की सूची बना ली जाए। सात और 10 सितंबर को जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु के अलावा वह खुद 10-10 केंद्रों का औचक निरीक्षण कर जायजा लेंगे। कहा कि जिन-जिन आंगनबाड़ी केंद्रों में वजन करने की मशीन नहीं है उसे दुरुस्त करा लें।