हसौली स्थित विघ्न हरण हनुमत धाम मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा का समापन बृहस्पतिवार को हुआ। अंतिम संध्या में मानस मयूरी शालिनी तिवारी ने भरत चरित एवं राम राज्याभिषेक प्रसंग का मार्मिक वर्णन कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
कथावाचिका ने कहा कि भगवान से जुड़ने का सबसे सरल मार्ग उनके नाम का संकीर्तन है। यदि समाज में रामराज्य की स्थापना करनी है तो सभी को परस्पर प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के साथ रहना होगा। तभी जीवन में रामराज्य की अनुभूति संभव है। इससे पूर्व मुख्य अतिथि चकिया विधायक कैलाश आचार्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर कथा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों और पदचिह्नों पर चलकर सामाजिक विकारों को दूर किया जा सकता है। कार्यक्रम में वीरेंद्र सिंह, हरवंश सिंह, सुजीत सिंह, ज्ञान सिंह, अशोक दीक्षित, अमरनाथ पांडेय, विकास पांडेय, दीपक राय, रविशंकर तिवारी, महेंद्र केशरी और दीपू सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। अध्यक्ष रजनीश दुबे ने अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। संचालन श्रीश द्विवेदी रंजन ने किया।