राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के तहत अब हर तीन माह पर राशन कार्डों में संशोधन किया जाएगा। संशोधन में राशन कार्डों की त्रुटियों में सुधार के अलावा नए कार्ड फीडिंग शामिल है। मार्च में एनएफएसए लागू होने के बाद मई में पहला संशोधन हुआ है। इससे जिले में एक हजार अधिक यूनिट पात्र गृहस्थी कार्डधारक परिवार में बढ़े हैं। बढ़े यूनिट के कार्डधारकों को राशन का वितरण जुलाई से किया जाएगा।
एनएफएसए लागू होने से एपीएल, बीपीएल की जगह पात्र गृहस्थी कार्ड जारी किया गया है, जबकि अंत्योदय कार्डों को बहाल रखा है। अंत्योदय कार्डों पर पूर्व की तरह राशन वितरण होता रहेगा। वहीं पात्र गृहस्थी के कार्डों पर प्रति यूनिट पांच किलो अनाज वितरित किया जा रहा है। इसमें दो रुपये किलो गेहूं, तीन रुपये किलो चावल शामिल है। मार्च में एनएफएसए लागू करने से सभी कार्ड फीड नहीं हुए थे। जितने कार्ड फीड थे, उन पर राशन वितरण हो रहा है। चूंकि नए कानून में 79.5 फीसदी ग्रामीण, 64.4 फीसदी शहरी आबादी को लाभ मिलेगा। लेकिन वर्तमान में विभागीय लापरवाही, फीडिग में देरी से महज 61 फीसदी लोगों को ही अनाज वितरण हो रहा है। ऐसे में गांव, शहर दोनों की आबादी को आवश्यकतानुसार कार्ड उपलब्ध नहीं हो सका है। जनसंख्यानुसार कार्डों का कोटा पूरा करने के लिए कार्ड फीडिंग की जा रही है। इस माह पहली तिमाही में एक हजार से अधिक पात्र गृहस्थी के यूनिट बढ़े हैं। लेकिन, उन्हें अनाज के लिए इंतजार करना पड़ेगा। क्याेंकि अगले माह कार्डधारकों को राशन स्वीकृति होगी, इससे उन्हें जुलाई में वितरण किया जा सकेगा। डीएसओ संजय पांडेय ने बताया कि जिले एक हजार से अधिक नए कार्डधारक बढ़े हैं, अगले माह इस की प्रक्रिया पूरी होने पर जुलाई से अनाज वितरण शुरू हो जाएगा।