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ग्रामीण अंचलो में टूट रही लॉकडाउन की चैन

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गोपीगंज नगर से होकर पैदल सोनभद्र जाते मजदूर। - फोटो : BHADOHI
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ज्ञानपुर/औराई। कोरोना वायरस जैसे संक्रमण के रोकथाम को लेकर जनपद को लॉकडाउन किया गया है। शहरी क्षेत्रों में इसका अनुपालन भी हो रहा है, लेकिन ग्रामीण अंचलों में इसकी चेन टूटने लगी है। दूसरे राज्यों से आए परदेशी घर में बैठने की बजाए गांव-गांव टहलकर एक दूसरे से मिल रहे हैं। इतना ही नहीं काफी संख्या मजदूर पैदल ही सोनभद्र भी जा रहे हैं। इससे हर कोई सहम गया है। ग्रामीणों ने ऐसे लोगों पर सख्ती करने के लिए पुलिस प्रशासन से मांग की है।
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कोरोना महामारी से विश्वभर में हाहाकार मच गया है। देश में इसके संक्रमण को रोकने के लिए 25 मार्च से 14 अप्रैल तक लॉकडाउन किया गया है। दूसरे प्रांतों से सैकड़ों की संख्या में आ रहे लोग गांव की गलियों से बगीचों में पहुंचकर गप्पेबाजी कर रहे हैं। कुछ लोग इसका विरोध करते हैं तो वह गाली गलौज तक करने लगते हैं। ऐसे लोगों को कम से कम 14 दिनों तक अपने घरों में रहने की सलाह दी जाती है, लेकिन वह मानने के लिए तैयार नहीं है। भवानीपुर के ऋषि शुक्ला, शिवकांत शुक्ला, नटवां से मनोज शुक्ला, लक्षमणिया से भुल्लूर यादव, जेठूपुर से सुनील दूबे, गणेश यादव, सहसेपुर के तोयज मिश्रा, मदन केसरवानी, कमलाशंकर, विट्ठलपुर के त्रिलोकी शुक्ला, कठारी के बल्ले मिश्रा, रामाश्रय उपाध्याय ने पुलिस प्रशासन से मांग किया कि गांवों में सख्ती की जाए। कहा कि पीआरवी 112 और बीटा के जवानों को निर्देशित किया जाए कि गांवों में कम से कम दो घंटे पुलिस चक्रमण कर सख्ती करे।
जनता कर्फ्यू से एक दिन पूर्व 21 मार्च से अब तक करीब एक सप्ताह में तीन हजार से अधिक लोग मुंबई, बंगलूरू, दिल्ली समेत अन्य महानगरों से जिले में आए। प्रशासन के पास अब तक कोई तय आंकड़ा नहीं है लेकिन वार रूम ने अनुमान जताया कि 3500 के करीब लोग जिले के विभिन्न गांवों में आ चुके हैं। इसमें कुछ गांव के प्रधानों ने अच्छी पहल कर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कराई। हालांकि अधिकांश लोगों की जांच नहीं हो सकी है।
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