ज्ञानपुर। स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर भले ही तमाम सख्ती की जा रही है, लेकिन कई शिक्षक अपनी कार्यप्रणाली से बाज नहीं आ रहे। सोमवार को मंडलीय कोआर्डिनेटर के निरीक्षण में डीघ के चकियां और नारेपार विद्यालय सुबह सवा नौ बजे तक बंद मिले। दोनों स्कूल के सभी शिक्षक-शिक्षामित्रों का वेतन-मानदेय रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया। औराई में दो स्कूलों को मिलाकर कुल 18 शिक्षक-शिक्षामित्रों पर कार्रवाई की गई।
सोमवार को एमडीएम के मंडल कोआर्डिनेटर राकेश तिवारी और डीसी निर्माण शिवम सिंह डीघ ब्लॉक के नारेपार विद्यालय में सुबह नौ बजकर 10 मिनट पर पहुंचे। यहां स्कूल पर ताला लटका मिला। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय चकियां में भी सवा नौ बजे तक स्कूल का गेट बंद मिला। जिसको लेकर मंडल कोआर्डिनेटर ने नाराजगी जताई। चकियां के शिक्षामित्र बेचन राम, मधु सिंह, शिक्षक दीपेंद्र सिंह, मीना कुमारी, पूनम, विवेक सिंह, नारेपार में अंकित सिंह, बृजेेंद्र कुमार, घनश्याम यादव का वेतन और मानदेय रोका गया। खंड शिक्षा अधिकारी औराई आशीष कुमार मिश्रा ने प्राथमिक विद्यालय बनौली, कुरौना और तिऊयरी का निरीक्षण किया। जहां शिक्षक, अनुदेशक और शिक्षामित्र अनिल कुमार, राकेश कुमार सिंह, दीपक प्रजापति, मोहम्मद अरशद अंसारी, कविता दूबे, मेहराज अहमद, प्रतिमा राय, मीना देवी अनुपस्थित मिले। अधिकारियों के निरीक्षण आख्या पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह ने संविदाकर्मियों का मानदेय और शिक्षकों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोका। सभी को तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। बीएसए ने शिक्षकों को हिदायत दिया कि वह अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी।