तीन गांवों के सीमा विवाद का निस्तारण कराते अधिकारी
करीब चार दशक से विवाद का कारण बनी तीन गांवों की सीमा को शुक्रवार को संगीनों के साए में अंतिम रूप दिया गया। घंटों मशक्कत के बाद राजस्व विभाग के अधिकारियों ने पैमाइश कर तीनों गांव की सीमाओं को निर्धारित कर दिया। इससे तीनों गांव के लोगों के साथ ही प्रशासनिक अफसरों ने भी राहत की सांस ली। पुलिस और पीएसी की मौजूदगी से गांव में गहमागहमी का माहौल रहा।
कोतवाली क्षेत्र के सिंहपुर गांव से सटे चकलोकापुर और जगापुर गांव की सीमा राजस्व विभाग की ओर से निर्धारित नहीं की जा सकी थी। इससे तीनों गांवों के लोग सीमा के आसपास मकान आदि बनाने की शुरुआत करते तो तीनों गांवों के लोग उक्त जमीन पर अपना हक जमाते हुए निर्माण रोक देेेेते। इसको लेकर कई बार मारपीट से लेकर खूनी संघर्ष तक हो चुका है। सीमा विवाद को लेकर अक्सर माहौल खराब होने का अंदेशा बना रहता था। शुक्रवार को तहसीलदार ज्ञानपुर जगदीश पांडेय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल और पीएसी सिंहपुर गांव पहुंची। गांव में अचानक प्रशासनिक अफसरों के पहुंचने से हड़कंप मच गया। करीब तीन से चार घंटे तक चली पैमाइश के बाद सिंहपुर, चकलोकापुर और जगापुर गांव की सीमा निर्धारित की गई। तीनों गांवों की सीमा निर्धारित होने पर प्रशासन ने जहां राहत की सांस ली, वहीं तीनों गांवों के लोगों ने भी खुशी जताई। तहसीलदार ने बताया कि तीनों गांवों की सीमा निर्धारित न होने से अक्सर गांव में मारपीट से लेकर संघर्ष होता था। सीमा निर्धारण प्रशासन के लिए भी एक चुनौती की तरह थी।