बदलते खानपान के बीच बच्चों में दांतों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। चॉकलेट, फास्टफूड, जंक फूड और अन्य मीठे खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन से दांतों में कैविटी और डेंटल कैरीज की समस्या बढ़ रही है। पांच साल से कम उम्र के बच्चों के दूध के दांत भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल और सीएचसी के दंत विभागों में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है।
पहले जिले के अस्पतालों में प्रतिदिन करीब 70 से 80 मरीज दांतों में सड़न, कैविटी, डेंटल कैरीज, पायरिया और मुंह से दुर्गंध जैसी समस्याओं को लेकर पहुंचते थे। अब इनकी संख्या 150 से अधिक हो गई है। औराई सीएचसी के डेंटल सर्जन डॉ. जितेंद्र दूबे ने बताया कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों में कैविटी की समस्या अधिक देखने को मिल रही है। इसके अलावा किशोर-किशोरियों में भी डेंटल कैरीज के मामले बढ़ रहे हैं। चॉकलेट और अन्य मीठे खाद्य पदार्थों में मौजूद शर्करा दांतों की सतह पर चिपक जाती है। लंबे समय तक सफाई न होने पर बैक्टीरिया के कारण दांतों में सड़न शुरू हो जाती है। धीरे-धीरे यह समस्या गहरी होकर दर्द और संक्रमण का कारण बन सकती है। सौ शय्या अस्पताल के सहायक दंत चिकित्सक तेजवी त्यागी ने बताया कि चॉकलेट या मीठा खाने के बाद पानी से कुल्ला करना चाहिए। किशोर-किशोरियों को सुबह और रात नियमित रूप से ब्रश करना चाहिए। बच्चों के दांतों की सफाई पर अभिभावकों को विशेष ध्यान देना चाहिए।
10 दिन में 50 फीसदी बढ़े मरीज
जिला अस्पताल के दंत चिकित्सक डॉ. अरविंद यादव ने बताया कि पिछले 10 दिनों की तुलना में इन दिनों दंत रोगियों की संख्या बढ़ी है। करीब 50 मरीजों की ओपीडी में 30 मरीज दांतों में सड़न, कीड़ा लगने, ठंडा-गरम लगने और मुंह से दुर्गंध जैसी समस्याओं के पहुंच रहे हैं। जांच के बाद उन्हें आवश्यक दवा और परामर्श दिया जा रहा है।
दांतों को सुरक्षित रखने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
दांतों पर किसी तरह के धब्बे या सड़न दिखाई दे तो तुरंत दंत चिकित्सक से संपर्क करें।
बच्चे को दूध की बोतल मुंह में लगाकर सोने की आदत न डालें।
पहला दांत निकलने के बाद ही दांतों की सफाई और देखभाल शुरू करें।
चॉकलेट, मीठे पेय पदार्थ, फास्टफूड और जंक फूड का सेवन सीमित कराएं।
बच्चों को पौष्टिक और संतुलित भोजन की आदत डालें।
सुबह और रात नियमित रूप से ब्रश करने की आदत डालें।
बच्चों के साथ अभिभावक भी नियमित रूप से दांतों की सफाई का ध्यान रखें।
वर्जन
माता-पिता को छोटे बच्चों के दांतों की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए और उन्हें चॉकलेट कम खिलानी चाहिए। किशोर-किशोरियों समेत सभी लोगों को नियमित रूप से ब्रश करना चाहिए। दांतों में किसी तरह की समस्या होने पर समय रहते दंत चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है।
- डॉ. जितेंद्र दूबे, डेंटल सर्जन, औराई सीएचसी।