पुलिस ने मामले में जांच पड़ताल के बाद 28 जून 2022 को छोटेलाल, लक्ष्मण, रामू, पताली, व अनिल उर्फ नागे के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। 22 सितंबर को अवर न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले को संज्ञान में लिया। जिसके बाद मामला अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत में ट्रांसफर कर दिया गया।
अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम शैलोज चन्द्रा ने मामले की सुनवाई करते हुए छोटेलाल सहित लक्ष्मण बनवासी, रामू बनवासी निवासी रया मुसहर बस्ती व पताली बनवासी निवासी श्रीहरा कपसेठी तथा अनिल उर्फ नागे निवासी विंध्याचल, मिर्जापुर को दोषी पाया। कोर्ट ने पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मामले में अभियोजन की तरफ से शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विकास नारायण मिश्र ने पैरवी की।