ज्ञानपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय तृतीय की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दो साल पूर्व औराई थानाक्षेत्र से एक नाबालिग को भगाकर युवक ने दुष्कर्म किया था।
घटना के मुताबिक औराई थाने क्षेत्र की निवासिनी महिला ने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी को अफजल पुत्र शफीक हाशमी चार जून 2014 को शाम सात बजे भगा ले गया। जिसमें उसकी सहायता शफीक और नरगिस ने किया। काफी खोजबीन के बाद पता नहीं चल सका। प्रार्थिनी की लड़की नाबालिग है, जिसकी उम्र सोलह वर्ष है। थाना औराई ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366 और 3/4 पास्को अधिनियम के तहत आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। गवाहों के बयान और तर्कों को सुनने के बाद न्यायाधीश चंद्रशेखर प्रसाद की अदालत ने अफजल हाशमी को आईपीसी और पाक्सो की धाराओं में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा और एक लाख 30 हजार अर्थदंड की सा सुनाई। अर्थदंड की आधी रकम पीड़िता को दिलाने का भी आदेश दिया। मामले की बहस पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता धीरज शुक्ल ने किया।