ज्ञानपुर। कीटनाशकों की बिक्री को पारदर्शी बनाने के लिए शासन ने ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। सभी थोक और फुटकर विक्रेताओं को 15 अप्रैल तक आईपीएमएस पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने वाले दुकानदारों का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई होगी। कृषि विभाग ने इसके लिए दुकानदारों को चेतावनी दी है।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी इरम मिर्जा ने बताया कि सभी विक्रेता, डीलर और कंपनियों को अपनी दुकानों का पंजीकरण आईपीएमएस पोर्टल पर करना अनिवार्य है। पंजीकरण प्रक्रिया में मोबाइल नंबर, लाइसेंस नंबर और ई-मेल आईडी दर्ज करनी होगी। किसी विक्रेता को पंजीकरण में समस्या आती है, तो वह संबंधित कार्यालय से संपर्क कर सकता है। भविष्य में पोर्टल पर पंजीकृत निर्माता से ही विक्रेता कीटनाशक खरीद कर बिक्री करेंगे। इसके लिए विभागीय स्वीकृति अनिवार्य होगी। यह कदम अवैध बिक्री को रोकने और गुणवत्ता युक्त कीटनाशक किसानों तक पहुंचाने के लिए उठाया गया है। उन्होंने बताया कि विक्रेताओं के पास पंजीकरण कराने के लिए 15 अप्रैल तक का समय है। इस अवधि के बाद पंजीकरण नहीं कराने पर संबंधित विक्रेता और निर्माण करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अब तक 52 में से सिर्फ तीन विक्रेताओं ने ही पंजीकरण कराया है।