ज्ञानपुर। जिले के नगरों में छुट्टा पशुओं की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए शुरू की गई कान्हा उपवन योजना के लिए आखिरकार डेढ़ साल बाद जमीन मिल गई। नगरों में पांच बीघे जमीन न मिलने से प्रशासन ने पिपरिस में उपवन के निर्माण की कवायद शुरू कर दी है। एक करोड़ 65 लाख 96 हजार की लागत से बनने वाले उपवन की प्रोजेक्ट डिटेल रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो चुकी है।
छुट्टा पशुओं को रखने के लिए जिले की दो नगर पालिकाओं और पांच नगर पंचायतों में वैसे तो अस्थायी गौशालाएं बनाई गई हैं, लेकिन उनमें व्यवस्थाओं के नाम पर खानापूर्ति ही की गई है। इसलिए शासन ने एक कान्हा उपवन गोशाला बनाने की मंजूरी दी है। जिले में इसके निर्माण के लिए बजट स्वीकृत हो गया है, लेकिन डेढ़ साल तक तमाम प्रयास के बाद भी ज्ञानपुर, भदोही, खमरिया, नई बाजार, सुरियावां, घोसिया और गोपीगंज में एक बीघे जमीन नहीं मिल सकी। सरकारी जमीनों पर या तो पहले से ही लोग कब्जा कर लिए हैं अथवा कोई सरकारी निर्माण हो चुका है। इसके लिए जिला प्रशासन ने भदोही विकास खंड के पिपरिस में कान्हा उपवन के लिए पांच बीघे जमीन चिह्नित किया है। प्रशासन की ओर से इसकी पैमाइश आदि कराई जा रही है। निर्माण के मानकों को ध्यान में रखते हुए प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है। माना जा रहा है कि कुछ माह के अंदर ही उपवन का निर्माण भी शुरू हो जाएगा। अपर जिलाधिकारी राम सिंह वर्मा ने कहा कि कान्हा उपवन के लिए नगरों में जमीन नहीं मिल सकी। इसलिए पिपरिस में जमीन देखकर उसकी पैमाइश कराई जा रही है।
डीएम के प्रति जताई जा चुकी है नाराजगी
ज्ञानपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में शामिल होने के बाद भी कान्हा उपवन का निर्माण शुरू न होने पर शासन भदोही जिलाधिकारी की कार्यप्रणाली के प्रति नाराजगी जता चुका है। इसलिए अब प्रशासन की ओर से निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। शुक्रवार को वीसी के दौरान मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने कान्हा उपवन के लिए प्रस्ताव न भेजे जाने को लेकर नाराजगी जताई थी।