फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिवाली की धूम, निकले यम के दीये

विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञानपुर। प्रकाश पर्व दीपावली से ऐन पहले शनिवार को जिले में छोटी दिवाली की धूम रही। परंपरागत ढंग से लोगों ने घरों से दरिद्रता दूर करने की खातिर यम के दीये निकालकर सुख-समृद्धि की कामना की। मान्यता है कि अकाल मृत्यु बाधा खत्म करने के लिए यम का दीया निकाला जाता है।
विज्ञापन

कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी अथवा छोटी दिवाली के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान श्रीकृष्ण, सत्यभामा और काली ने नरकासुर नाम के असुर का वध किया था। इसी उपलक्ष्य में नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली के रूप में मनाया जाता है। इस दिन सनातनधर्मी परिवारों में घर से यम का दीया जलाकर निकालने की परंपरा है। इसके पीछे मान्यता है कि अकाल मृत्यु का साया परिवार पर नहीं पड़ता। भदोही जिले में शनिवार को छोटी दिवाली धूमधाम से मनाई गई। दीपावली के पांच दिवसीय पर्व के दूसरे दिन धनतेरस के बाद छोटी दिवाली महत्वपूर्ण मानी जाती है। दिवाली की तैयारी में मशगूल लोगों ने साफ-सफाई के बाद शाम को सूर्यास्त के समय यम का दीया निकाला। उसे घर के पीछे या घूर आदि पर रख कर मृत्यु के देवता यमराज से सुख-सौभाग्य की कामना की गई। डुहियां के आचार्य पं. दीनानाथ शुक्ल ने बताया कि मान्यता है कि इस दिन यम का दीया निकालने से अकाल मृत्यु का साया नहीं पड़ता। घरों में संध्या वंदन के बाद दीये जलाकर लोगों ने घर से दूर रखे। इसके साथ ही दिवाली का जश्न मनाने की तैयारी तेज हो गई। दिवाली का सबसे ज्यादा उत्साह बच्चों में देखा गया। वे पटाखे और मिट्टी के बरतन खरीदने में लगे रहे।
-
दिवाली आज, बजेंगे खुशियों के पटाखे
अमर उजाला ब्यूरो
ज्ञानपुर। लंका फतह के बाद श्रीराम, सीता और लक्ष्मण के अयोध्या पहुंचने की खुशी में मनाया जाने वाला प्रकाश पर्व दीपावली रविवार को जिले में धूमधाम से मनाया जाएगा। इसकी तैयारियां धनतेरस से ही तेज हो गईं हैं, जो शनिवार को चरम पर रहीं। धनतेरस को शुभ मुहूर्त में शुरू हुई खरीदारी का दौर शनिवार को भी पूरे दिन चला। इससे जिले के बाजारों में मेले जैसा नजारा दिखा और जगह-जगह जाम की स्थिति नजर आई। ज्ञानपुर में इस बार पटाखा बाजार का स्थान बदल दिया गया है। हर वर्ष काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के मैदान में लगने वाले पटाखा बाजार को इस बार सुरक्षा के दृष्टिकोण से नगर से दूर जीआईसी मैदान में कर दिया गया है। शनिवार को पटाखे की खरीदारी के लिए बाजार में भीड़ लगी रही। कपड़े, मिठाई, खान-पान आदि बाजारों में खरीदारों की भीड़ के चलते मेले जैसा नजारा बना रहा। दीपावली पर रोशनी बिखेरने के लिए लोगों ने मिट्टी के दीये खरीदे। साथ ही उपहार देने के लिए भी ड्राई फ्रूट, कपड़े आदि पैक कराए गए।
विज्ञापन

लक्ष्मी पूजन के तीन मुहूर्त
इस बार दीपावली में लक्ष्मी पूजन के तीन मुहूर्त निर्धारित हैं। पं. दीनानाथ शुक्ल ने बताया कि काशी से प्रकाशित महावीर पंचांग के अनुसार रविवार 27 अक्तूबर को मनाई जाने वाली दीपावली पर पहला मुहूर्त दिन में स्थिर लग्न कुंभ में दोपहर 1.44 बजे से 3.15 बजे तक है। दूसरा मुहूर्त स्थिर लग्न वृष में शाम 6.21 बजे से रात्रि 8.18 बजे तक है। जबकि तीसरा मुहूर्त अर्द्धरात्रि में स्थिर लग्न सिंह में रात 12.50 से 3.05 बजे तक है।
विज्ञापन

--
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें