केंद्र सरकार की भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के विरोध में सोमवार को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) कार्यकर्ताओं ने तहसील प्रांगण मेें धरना देकर प्रदर्शन किया।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि गरीबों की जमीन औने पौने दाम में बेचने के लिए भाजपा सरकार गरीबों की जमीन हड़पना चाहती है। सभा के बाद उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। वक्ताओं ने अध्यादेश वापस लेने की मांग उठाई। इसके पूर्व पीएनबी शाखा के बाहर जमा होकर कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में तहसील पहुंचे।
कामरेड बनारसी सोनकर ने कहा कि चुनाव पूर्व भाजपा ने जो वादे किए थे उसमें से अब तक कोई भी पूरा नहीं हो सका है। कहा भ्रष्टाचार खत्म करना, महंगाई रोकना, काला धन वापस लाने की बात प्रधानमंत्री ने की थी लेकिन उल्टा किसान विरोधी अध्यादेश लाकर किसानों की जमीन हड़पने का प्रयास किया जा रहा है।
पेट्रोल- डीजल की कीमतों पर कहा कि जिस अनुपात में कीमतें घटी हैं उस अनुपात में सरकार ने कीमत नहीं घटाई। फलस्वरूप इसका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। आरोप लगाया कि पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए नए- नए अध्यादेश लाए जा रहे हैं। रामजीत यादव ने भूमि अध्यादेश वापस लेने की मांग की। सभा में दिनेश पाल, दयाराम प्रजापति, कबूतरा देवी, डिबुला देवी, धर्मराज गौतम, विनोद उपाध्याय, मु.अनवर आदि ने विचार व्यक्त किए।