भदोही के रड़ई याकूबपुर में लक्ष्मी विश्वकर्मा हत्याकांड के डेढ़ माह बाद भी हत्यारों तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंच सके हैं। हत्यारों की अब तक गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा और सपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यालय पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया और तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी विशाल सिंह को सौंपा।
अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के जिला महासचिव सूबेदार विश्वकर्मा ने कहा कि 24 नवंबर को रड़ई याकूबपुर से 12 वर्षीय नाबालिग लक्ष्मी विश्वकर्मा बारात देखने घर से निकली वापस नहीं आई। 26 नवम्बर को गुमशुदी का रिपोर्ट दर्ज किया गया और 29 नवम्बर को विश्वकर्मा समाज की बेटी लक्ष्मी का छत-विक्षत शव गांव के बाहर मिलता है।
पुलिस हत्यारे को अभी तक पकड़ नहीं पाई, जिससे इनकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं। कहा कि उनकी तीन सूत्रीय मांगों में हत्यारों की गिरफ्तारी के साथ ही लक्ष्मी के परिवार को आर्थिक सहायता देने और परिवार के किसी एक सदस्य को नौकरी दिए जाने की मांग की।
मौके पर आशीष विश्वकर्मा, विष्णु विश्वकर्मा, राजेश विश्वकर्मा, हरिशंकर विश्वकर्मा, सुशील विश्वकर्मा, राजकुमार विश्वकर्मा, दीपशिखा समेत ह्रदय नारायण प्रजापति, केश नारायण यादव, लहरी यादव व आदर्श यादव समेत अन्य रहे। समाजवादी पार्टी से जिले के महासचिव ह्रदय नारायण प्रजापति, कल्लन यादव, रीत वर्मा, केशनारायण यादव, संतोष यादव, महेंद्र गोंड, जैन पासी, धर्मेंद्र कुमार मिश्र पप्पू आदि रहे।