इसमें बड़े व्यावसायिक भवन, नर्सिंग होम, शिक्षण संस्थान समेत 12 भवन स्वामी शामिल हैं। बड़े भवन स्वामियों में राईज अप पब्लिक स्कूल पीपरगांव के निर्माण पर 25 करोड़ खर्च हुआ है। जिस पर 25 लाख का लेबर सेस लगा है। इसी तरह भदोही नगर पालिका चेयरमैन पति अतहर अंसारी के 10 करोड़ के आवासीय भवन पर 10 लाख और पकरी भदोही के जय प्रकाश गुप्ता के 15 करोड़ के आवासीय भवन पर 15 लाख जुर्माना लगाया गया है। इसी तरह नौ अन्य आवासीय भवन पर करीब 50 लाख का जुर्माना विभाग की तरफ से लगाया गया है।
श्रम विभाग लेबर सेस जमा नहीं करने वाले भवन स्वामियों को चिह्नित कर नोटिस भेजा गया है। इसमें तीन बड़े भवन स्वामियों पर ही करीब 50 लाख का जुर्माना लगाया गया है। निर्धारित समय पर जुर्माना न जमा करने पर आरसी जारी की जाएगी। - मनोज शर्मा, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, भदोही।
देहात में भी नक्शा पास न कराने पर होगी दिक्कत
शहर की तर्ज पर गांवों में बेतरतीब बसावट से निजात दिलाने के लिए बीते साल तीन सितंबर को शासन की ओर से भवन मानचित्र सामग्री गजट प्रकाशित हुआ था। इसके मुताबिक तीन सौ वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल में भवन निर्माण कराने वालों को जिला पंचायत से नक्शा पास कराना होगा। बिना स्वीकृत मानचित्र के भवन बनाने की अनुमति नहीं होगी। शासन की मंशा है कि गांवों में नक्शा पास कराकर भवनों का निर्माण कराने से सड़क, नाली, बिजली आपूर्ति आदि विकास कार्य कराने में कठिनाई नहीं होगी, जो भी भवन बनेंगे। वहां इन सुविधाओं के लिए जगह का ख्याल रखा जाएगा।
यह है नक्शा पास कराने का नियम
तीन सौ वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल में आवासीय या व्यावसायिक भवन निर्माण कराने वालों को जिला पंचायत में आवेदन करना होता है। यहां के मानचित्रकार की मदद से भवन का नक्शा तैयार किया जाता है। आवासीय, शैक्षणिक 25 रुपये और व्यावसायिक भवन 50 रुपये वर्ग मीटर की दर पर विकास शुल्क जमा करने के उपरांत कार्य अधिकारी के कार्यालय से नक्शा स्वीकृत होता है।
एक नजर
- एक लाख 28 हजार निर्माण श्रमिक पंजीकृत
- श्रम विभाग में 1600 अधिष्ठान पंजीकृत