ट्रेनों में बर्थ नहीं मिलने से मायूस होकर लौट रहे लोग
विद्यालयों में गर्मी की छुट्टियां हो गई हैं लेकिन छुट्टियां बिताने के लिए किसी कहीं जाने को ट्रेनों में बर्थ नहीं है। मुंबई के ट्रेनों में टिकटों की सर्वाधिक मारा मारी का दौर चल रहा है। आस पास के स्टेशनों से गुजरने वाली ट्रेनों में भी बर्थ नहीं मिलने से लोगों में भारी मायूसी है। तत्काल टिकटों के रूप में लोगों के पास विकल्प जरूर है लेकिन वह भी दलालों के चलते नहीं मिल पा रहा है।
मुंबई की ओर जाने वाली सभी ट्रेनें फुल चल रही हैं। भदोही स्टेशन से रत्नागिरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस सप्ताह में तीन दिन है जबकि गोरखपुर-दादर एक्सप्रेस और भोपाल होकर जाने वाली कामायनी एक्सप्रेस सप्ताह के सातों दिन चलती हैं लेकिन तीनो मई और जून तक फुल हैं। वाराणसी से मिर्जापुर होकर कई ट्रेनों का आवागमन होता है लेकिन उसमे भी जगह नहीं है। हर रोज तत्काल टिकट लेने के लिए भदोही स्टेशन के आरक्षण केंद्र में भीड़ लग रही है लेकिन मुश्किल से एक दो लोगों को ही टिकट मिल पाता है। इसको लेकर यात्रा की इच्छा रखने वालों में खासी मायूसी है। राजेंद्र यादव ने कहा कि रेलमंत्रालय वेटिंग टिकटों की प्रथा पर लगाम लगाना चाहती है। यह प्रथा तब लागू होनी चाहिए जब सरकार हमें ट्रेनों में बर्थ दे सके। उन्होंने कहा कि गर्मी की छुट्टियां हो चुकी हैं ऐसे में बच्चों को घुमाने ले जाने का भी दबाव बढ़ गया है लेकिन टिकटें न मिलने से स्थिति खराब है।
टिकट लेने आए एक रेलयात्री ने बताया कि इस समय दलालों के पास टिकट तो मिल जाएगा लेकिन वे भारी भरकम कीमत मांग रहे हैं। इतना ही नहीं वे पहले से कराए आरक्षण टिकटों में दिए गए नाम का वोटर आईडी तक बनाकर दे रहे हैं। जिस पर रोक लगनी चाहिए। उधर स्कूलों में छुट्टियां होते ही हावड़ा और नई दिल्ली अथवा देहरादून लाइन पर भी टिकटों के लिए मारा मारी का दौर शुरू हो गया है।