तेज आंधी के चलते रविवार की भोर में स्टेशन पर खड़ी डाउन काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस की बोगी पर पेड़ की डाल गिर गई। जिससे एक महिला यात्री जख्मी हो गई। जबकि कई अन्य को मामूली चोटें आईं। अचानक लगे झटके से ट्रेन में सो रहे यात्रियों में अफरातफरी मच गई। क्रेन के जरिए पेड़ को हटवाकर एक घंटा 40 मिनट विलंब से ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
नई दिल्ली से चल कर वाराणसी जा रही 14258 डाउन काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस रविवार की भोर में चार बजे के करीब वाराणसी-प्रतापगढ़ रेल खंड के सुरियावां स्टेशन पर पहुंची। उसी दौरान लखनऊ से मुगलसराय जा रही डाउन 14260 मुगलसराय लखनऊ इंटरसिटी को स्टेशन से पास कराया गया। इधर ट्रेन के पास होने के चंद मिनट के लिए तेज आंधी और बारिश शुरू हो गईई। आंधी इतनी तेज थी कि स्टेशन के समीप खड़ा एक महुआ का पेड़ काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस के एस-1 बोगी पर आ गिरा।
पेड़ की एक डाली खिड़की तोड़कर अंदर घुस गई। अचानक पेड़ गिरने से ट्रेन में अफरातफरी मच गई। हापुड़ से भदोही आ रही युवती शशि (19) गंभीर रूप से घायल हो गई जबकि कई लोग आंशिक रूप से चोटिल हुए। सहायक स्टेशन मास्टर एलबी राम ने घायल महिला का प्राथमिक उपचार करने के बाद 108 एंबुलेंस को फोन किया। लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची। जंघई और भदोही से कर्मचार, अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्रेन से गिरे पेड़ को हटवाया। इसके बाद पांच बजकर 39 मिनट पर ट्रेन वाराणसी रवाना की गई।
प्रभारी स्टेशन अधीक्षक एलबी राम ने बताया कि ट्रेन प्लेटफार्म पर खड़ी थी इसकी वजह से दूसरी ट्रेनों के संचालन में दिक्कत नहीं आई। पेड़ हटने पर ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।