चुनाव आयोग और जिला प्रशासन की सख्ती के बाद भी पोलिंग बूथों पर कोविड प्रोटोकाल तार-तार होते दिखा। कमोवेश सभी बूथों पर लोग कोविड प्रोटोकाल का पालन करते नहीं दिखे। सुविधा के लिए बने कोविड हेल्प डेस्क पर भी सन्नाटा रहा। कुछ केंद्रों को छोड़ दिया जाए तो कहीं भी ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों ने मतदाताओं की जांच नहीं की।
अव्यवस्था और अनदेखी के चलते मतदान के लिए लगी कतार में शारीरिक दूरी का भी ख्याल नहीं रखा गया। कोविड गाइड लाइन का पालन कराने वाले जिम्मेदार अधिकारी भी मौके पर नहीं दिखे। गाइड लाइन के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रत्येक मतदान केंद्र पर कोविड हेल्प डेस्क की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन बूथों पर सन्नाटा रहा। मॉस्क, सैनिटाइजर व शारीरिक दूरी की अनिवार्यता के बावजूद अधिकांश बूथों पर कतार में लगे मतदाता बगैर मॉस्क के दिखे। मतदान कर्मी और सुरक्षा कर्मी भी बगैर मॉस्क के दिखे।