जिले के डीघ विकास खंड के धनतुलसी और चौरी क्षेत्र के निदूर गांवों के कोटेदारों के खिलाफ शिकायत करने के लिए ग्रामीण सोमवार को जिला मुख्यालय आ धमके। कोटेदारों के खिलाफ राशन और तेल वितरण में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर कोटेदारों की मनमानी से अवगत कराया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक वितरण की जो सामग्री आती है, उचित दर विक्रेता उसका उठान कर लेता है। लेकिन, वह गांव के पात्र कार्डधारकों को न देकर ब्लैक कर देता है। इससे शासन की कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं मिलता है।
बताया कि मामले से कई बार डीएसओ समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी अवगत कराया गया। लेकिन नतीजा सिफर रहा। आज तक कोटेदार उन्हें राश्ान नहीं दे रहा आैर वह लोग परेशान हो रहे हैं। पत्रक देने वालों में हरि प्रसाद, केवल प्रसाद, शंभू प्रसाद गुप्ता, मुनरा देवी, राजेंद्र प्रसाद,
विकास यादव, शिवशंकर यादव, इसराजी, जगना, सरोजा, आरती देवी शामिल थे। चौरी क्षेत्र के निदूर गांव के ग्रामीणों ने बताया कि अनियमिता के आरोप में कोटे की दूकान को निलंबित कर दिया गया है। अब वह विभागीय अधिकारियों को मिलाकर दूकान को फिर से बहाल कराने में लगा है।
ग्रामीणों ने डीएम से निलंबित कोटे की दूकान बहाल कराने की मांग की। कहा कि कोटेदार के प्रभावशाली होने के कारण गांव के लोग भयभीत रहते हैं। ग्रामीणों ने कोटेदार पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्जकर कार्रवाई की मांग की है।
कहा कि दूकान दुुबारा खुल जाने से ग्रामीणों को फिर राशन मिलने में दिक्कतें आएंगी। इस दौरान शेषमणि, रमेश कुमार, विनोद कुमार, रमाशंकर, कलंदर, अनिल कुमार, सत्य नारायण, विनोद कुमार, रमाशंकर, कलंदर, छोटेलाल, मंगरू, भरत लाल, शंकर, हरी प्रसाद आदि लोग मौजूद रहे।