ज्ञानपुर। उत्तर प्रदेश किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर महंगाई, भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ हुंकार भर कर प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक मांगपत्र डीएम आर्यका अखौरी को सौंपा।
इस दौरान अध्यक्ष रमापति यादव ने कहा कि सरकार किसानों के नाम पर खोखली राजनीति कर सिर्फ परेशानी बढ़ा रही है। किसान जब अपने हित की आवाज उठाते हैं तो पुलिस की लाठियों के बल पर उन्हें शांत करा दिया जा रहा है। इसे अब किसान सहन नहीं कर सकते। मंत्री इंद्रदेव पाल ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों का परिणाम है कि कानून राज के स्थान पर जंगलराज कायम हो चुका है। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रदेश में लाखों रुपये प्रतिदिन बहाये जा रहे हैं बावजूद इसके महिलाएं सुरक्षित नहीं है। देश की शान बने किसानों को बर्बादी की ओर ले जाने के लिए पेट्रो पदार्थों का दाम बढ़ाकर खेती से विमुख किया जा रहा है। एक सरकार के शासनकाल में बार-बार दामों के बढ़ते रहने से गरीबों-मजदूरों की रसोई सुनी पड़ रही है इसका कौन जिम्मेदार है। परदेशी राम ने बताया किसान विरोधी कानून का असर अभी से दिखना शुरू कर दिया है। उदाहरण देते हुए बताया कि रेल, सड़क, गैस पाइप लाइन जैसी प्रमुख परियोजनाओं के नाम पर लघु एवं सीमांत किसानों की जमापूंजी छीन ली जा रही है। मुआवजे के नाम पर पूरे वर्ष तक सरकारी कार्यालयों के सामने खड़े होकर गिड़गिड़ाना विवशता हो चुकी है। इस अवसर पर अशोक गौतम, कैलाशनाथ, विश्वनाथ प्रसाद, जगन्नाथ मौर्य, बेचू लाल, श्रीराम थे।