ज्ञानपुर। महराजगंज के कंसापुर के चावल कारोबारी शिव कुमार गुप्ता की हत्या पैसे के लेनदेन में हुई थी। हत्या में शामिल दूसरे आरोपी आशीष दूबे को शनिवार रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया जबकि तीसरा आरोपी अब भी फरार चल रहा है। पुलिस ने कार, तमंचा और खून से सना स्वेटर बरामद किया।
रविवार को पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह ने पत्रकारों से रूबरू होकर घटना का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि 17 जनवरी को वादी पवन कुमार पुत्र अशोक कुमार गुप्ता ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसके चाचा शिव कुमार गुप्ता की हत्या की गई। इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर औराई पुलिस और क्राइम ब्रांच को जिम्मेदारी दी गई। धरातलीय सूचना और इलेक्ट्रानिक साक्ष्य के आधार पर 18 जनवरी को आरोपी प्रदीप कुमार दूबे पुत्र शिव प्रसाद दूबे निवासी बिहड़ा मिर्जामुराद को गिरफ्तार किया गया जबकि दूसरे आरोपी आशीष दूबे पुत्र विजयशंकर दूबे निवासी समधा खास डीह को रविवार सुबह कोठरा पुल के नीचे से गिरफ्तार किया गया। आरोपी प्रदीप दूबे की निशानदेही पर एक अवैध तमंचा, दो कारतूस, हत्या में प्रयुक्त वैगनार कार एमएच 02 बीजी 2271 बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपी प्रदीप दूबे ने बताया कि उसने एक पिकअप गाड़ी किस्त पर बैंक से खरीदी थी। किस्त न जमा होने से बैंक की नोटिस आ रही थी, जिससे घर वाले नाराज हो गए। शिव कुमार गुप्ता के साथ कमीशन पर चावल का व्यापार करने लगा। उसी दौरान तीन ट्रक चावल मिलर रिंकू उपाध्याय पुत्र पवन कुमार निवासी बरजी को दिलवाया था। जिसमें उसे चार लाख 50 हजार प्राप्त हुआ तो उसे शिव शंकर को दे दिया। शेष पैसा रिंकू के पास बाकी था, इसको लेकर अक्सर शिवशंकर तगादा करता। बैंक का किस्त चुकाने और शेष पैसा शिव कुमार को न देना पड़े इसको लेकर प्लान बनाया। अपने सहयोगी आशीष दूबे और धर्मेन्द्र सरोज को एक-एक लाख देने का लालच दिया। प्लान के हिसाब से 16 जनवरी को किसी तरह शिव शंकर को अपनी कार में बिठाया और चील्ह मिर्जापुर के चिंदवक ले गए और गाड़ी में ही गोली मार दी। शव को कार में रखकर ही ईधर-उधर जंगलो में टहलते रहे। शाम होने पर शव को कुएं में फेंक दिया। एसपी ने बरामदगी टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की। इस मौके पर औराई कोतवाल एसएन मिश्रा, स्वाट टीम प्रभारी अजय सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मी रहे।