भदोही।चाइनीज उत्पादों के विरुद्ध आमजन में आई जागरुकता के चलते इस दीपावली चीनी उत्पादों की बिक्री में जबरदस्त कमी देखी गई। आम तौर पर इलेक्ट्रानिक उत्पादों से लेकर विद्युत झालरों का हर वर्ष बहुतायत में इस्तेमाल होता था लेकिन इस बार लोगों ने इससे दूरी बनाए रखी। दूकानदारों की मानें तो उन्होंने पहले ही दुकानों पर चीनी उत्पाद कम मंगाए थे लेकिन उसके भी खरीदार नहीं मिले।
अजिमुल्लाह चौराहे के इलेक्ट्रानिक्स दूकानदार मो.इरफान ने बताया कि हर वर्ष की बिक्री देखते हुए सजावट के चीनी उत्पाद उन्होंने मंगाए लेकिन मांग न के बराबर रही। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात का मलाल इसलिए नहीं रहा क्योंकि चीन को सबक सिखाना भी जरूरी था।
कटरा बाजार के प्रेम केशरी चीन निर्मित क्राकरी के आइटम बेचते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार दीवाली पर कुम्हारों द्वारा निर्मित मिट्टी के दीए खूब बिके। कहा कि चीनी क्राकरी के आइटम खरीदने वाले इक्का दुक्का लोग ही आए। बहुत से लोग आए और भारत निर्मित सामान के बारे में पुछताछ की।
इसी तरह कजियाना के मो.सुफियान ने बताया कि पूर्व में सस्ते चीनी विद्युत झालरों का व्यापक जोर रहा था। कीमतें कम होने से सस्ते झालरों की बिक्री जरूर हुई लेकिन दूसरे सजावटी सामान दुकान की शोभा बने रहे।
कजियाना के ही अब्दुल वहाब ने बताया कि इस बार चाइनीज इलेट्रानिक आईटमों की बाजार में भरमार नहीं रही। प्रमुख कारण आम आदमी में बहिष्कार की धारणा रही। बताया कि बेहद सस्ते झालरों की मामूली बिक्री इसलिए हुई क्योंकि वे झालर भारतीय के मुकाबले सस्ते रहे। दूकानदारों की ओर से यह सवाल जरूर खड़ा किया गया कि चीन की कमर तोड़ने के लिए भारत सरकार को इलेट्रानिक उत्पाद सस्ते करने की नीति अपनानी चाहिए। ऐसा अगले वर्ष की दीपावली को सोच कर आगे बढ़ने से अगले वर्ष दीपावली पर इसका असर देखने लायक होगा।