चकपडौना में हाईवे के उत्तरी लेन पर बोल्डर रख कर कांवड़ियों के लिए किया जा रहा सुरक्षित। संवाद
कौलापुर। कांवड़ यात्रा को देखते हुए हाईवे प्राधिकरण की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। हाईवे की रखरखाव करने वाली संस्था की तरफ हाईवे के उत्तरी लेन पर बने कट पर बोल्डर लगाने शुरू कर दिए गए हैं। प्राधिकरण ने अब तक मुख्य बाजारों को छोड़कर अन्य जगहों पर बोल्डर लगाकर उत्तरी लेन के हाईवे को बंद कर दिया है। हाईवे पर कट बंद होने से लोगों को अब हाईवे से बाजारों में आने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है।
30 जुलाई से सावन महीने की शुरूआत हो रही है। हर साल सावन महीने में कांवड़ यात्रा को देखते हुए वाराणसी-प्रयागराज हाईवे का उत्तरी लेन बंद कर दिया जाता है। इस दौरान संपर्क मार्गों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों को रोक दिया जाता है। वहीं मुख्य हाईवे पर बाजारों व फ्लाईओवर के पास बने कट को भी बोल्डर लगाकर बंद कर दिया जाता है। हाईवे प्राधिकरण हर साल सावन शुरू होने के एक सप्ताह पहले यह काम करता है, लेकिन इस साल करीब 15 दिन पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर हंडिया-राजातालब खंड पर कम से कम 40 कट हैं। इसमें गोपीगंज और औराई जैसे प्रमुख जगहों को छोड़कर करीब हर जगह कट बंद करने के लिए बोल्डर लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा लालानगर टोल के पास विशेष तैयारियां की जा रही हैं। जिससे वाहनों की टोल वसूली में परेशानी न हो। सावन महीने में टोल के पास विशेष इंतजाम होते हैं। जहां वाहनों को टोल कटाने के बाद करीब एक किमी तक घूमकर दक्षिणी लेन पर पहुंचने के लिए रास्ता बनाया जाता है। हाईवे प्राधिकरण के आरई रखरखाव शेषनाथ यादव का कहना है कि आगामी सावन महीने को लेकर तैयारियां शुरू हैं। मुख्य हाईवे पर अभी से ही प्रवेश वर्जित किया जा रहा है। मुख्य बाजारों के पास भी जल्दी ही बोल्डर लगा दिए जाएंगे। सावन भर केवल दक्षिणी लेन से ही वाहन आएंगे और जाएंगे।