ज्ञानपुर। काशी, प्रयाग, विन्ध्याचल के मध्य गंगा किनारे सेमराध घाट पर रेत पर खुले आसमान के नीचे तंबुओं के आशियाने तैयार हो गए हैं। गंगा की रेती पर कल्पवासी एक महीने तक आस्था की डुबकी लगाएंगे। सुरक्षा, स्वास्थ्य के लिहाज से जिला प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य महकमा की ओर से भी विशेष तैयारियां की गई हैं।
जिला मुख्यालय से करीब 25 किमी सेमराध नाथ धाम है। धाम से 300 मीटर दक्षिण की ओर पतित पावनी मां गंगा की अविरल धारा कलकल कर बहती है। इसी के किनारे बालुओं की रेत पर तंबू की नगरी बस गई है। कल्पवास मेले की पहली डुबकी श्रद्धालु मंगलवार को लगाएंगे।
रविवार से ही कल्पवासी साधना स्थली पहुंच चुके हैं। कल्पवासी महिलाएं, पुरुष या उनके परिजन टेंट में अपने-अपने सामान सुरक्षित रखे। कल्पवासी एक महीने तक कल्पवास मेले में रहेंगे। इस दौरान सुबह नियमित गंगा स्नान ध्यान लीन रहेंगे। सेमराध नाथ कल्पवास मेले में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम है। श्रद्धालुओं के लिए टेंट, लाइटिंग व चकर प्लेट बिछा दिए गए हैं। इसके अलावा 12 पुलिसकर्मियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। वहीं सेमराध स्वास्थ्य केन्द्र पर की स्वास्थ्य टीम भी 24 घंटे मुस्तैद रहेंगी। इसके अलावा एक एबुलेंस 24 घंटे मेला स्थल पर रहेगी।
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