सबसे अधिक परेशानी गरीब और मजदूर तबके को हो रही है।
कालीन नगरी भदोही में मूलभूत सुविधाओं का टोटा है। यहां 60 फीसदी आबादी मेहनतकश लोगों की होते हुए भी यह आबादी उपेक्षित है। सबसे ज्यादा कष्ट पीने के पानी को लेकर है।
नगर पालिका से पेयजल आपूर्ति के संसाधन इतने पुराने हो गए हैं कि जगह जगह पाइप लीकेज, पाइप फट जाने से लोगों के नलों में दूषित पानी पहुंच रहा है।
सबसे अधिक दिक्कत बौलिया के निवासियों की है दिन में मजदूरी कर शाम को घर पहुंचते हैं तो उन्हें पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ती है। लोगों को किसी निजी सबमर्सिबल पंप का सहारा लेना पड़ रहा है । नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका ने पेयजल क्षेत्र में कुछ खास नहीं किया।
बौलिया सहित काजीयाना, कटरा बाजार, ठकुरा रोड, पीरखांपुर रोड आदि मोहल्लों में लंबे अर्से से स्वच्छ जलापूर्ति नहीं हो पा रहा है। लोगों का कहना है की पालिका को समस्या से बार बार अवगत कराए जाने के बाद भी अधिकारी उदासीन बने हुए हैं।
लोगो ने पालिकाध्यक्ष से मांग की है कि दूषित जलापूर्ति वर्तमान में नगर की इस गंभीर समस्या बनती जा रही है। जिसको देखते हुए अब सड़कों और गलियों के निर्माण से ध्यान हटाकर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने पर लगाया जाना चाहिए ताकि गरीब जनता की चिंता दूर हो सके।
पालिका के ईओ अली हसन ने कहा कि समस्या दूर की जा रही है। बौलिया में दूषित जलापूर्ति को दुरुस्त करने के लिए संबंधित विभाग के कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है।