एक्साईज ड्यूटी को लेकर करीब दो माह तक आंदोलन की भेंट चढ़ा सराफा कारोबार आंदोलन खत्म होने के बाद भी सुस्त दिख रहा है। मांगलिक सीजन में भी आभूषण की दूकानों पर खरीदारों की संख्या कम ही दिख रही है। सराफा कारोबारी इसको लेकर कई कारण बता रहे हैं।
गर्मी के दिनों में सहालग (मांगलिक) आयोजनों से सोने, चांदी समेत अन्य आभूषणों की मांग बढ़ जाती है। अप्रैल, मई और जून के महीने में सर्राफा व्यापार काफी अधिक रहता है लेकिन इस साल पूर्व के जैसी स्थिति नहीं दिख रही है। मांगलिक आयोजन शुरू हो गए हैं लेकिन आभूषण की दूकानों पर मंदी छायी हुई है। शादी, ब्याह का सीजन शुरू होने से सोने के दाम भी बढ़ गए हैं। पखवारे भर में सोने के दाम में डेढ़ हजार प्रति दस ग्राम की बढ़ोत्तरी हुई है। सर्राफा व्यापारी इसके पीछे एक्साईज ड्यूटी में बढ़े टैक्स से मंदी और सोने के दाम बढ़ना बता रहे हैं। स्वर्णकार सेवा समिति के अध्यक्ष रामरक्षा सेठ ने बताया कि मंदी और महंगाई से सर्राफा कारोबार प्रभावित हुुआ है। एक्साइज ड्यूटी के विरोध में देश भर में आंदोलन हुआ, जिसका असर अब मंदी के रूप में दिख रहा है। उन्होंने बताया कि पखवारे भर पूर्व सोना 28 हजार 200 रुपए प्रति दस ग्राम था जो अब 29 हजार 700 हो गया है। सहालग कम होने से भी पहले की तरह कारोबार नहीं उठ रहा है।