जीआईसी में मूल्यांकन का अवलोकन करते संयुक्त शिक्षा निदेशक मिर्जापुर कामता राम पाल।
- फोटो : BHADOHI
ज्ञानपुर। संयुक्त शिक्षा निदेशक मिर्जापुर कामता राम पाल ने बृहस्पतिवार को मूल्यांकन केंद्र जीआईसी का निरीक्षण किया। एक-एक कक्षों में जाकर मूल्यांकन का अवलोकन किया। कुछ कक्षों में पंखे खराब होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। डीआईओएस को उन्हें दुरुस्त कराने का निर्देश दिया। बीमारी के कारण दो परीक्षकों को केंद्र से लौटाया, जबकि अनुपस्थित 150 परीक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया।
लॉकडाउन के तीसरे चरण में डेढ़ माह से ठप मूल्यांकन मंगलवार से शुरू हो गया। पहले और दूसरे दिन आठ से नौ हजार कॅापियां जांची गईं। हालांकि बृहस्पतिवार को हाईस्कूल की पांच हजार 210 और इंटरमीडिएट की पांच हजार 779 समेत कुल 10 हजार 789 कापियों का मूल्यांकन किया गया। दोपहर करीब 12 बजे मूल्यांकन केंद्र पहुंचे जेडी ने कॉपियां जांच रहे परीक्षकों से बात की। चार कक्षों में पंखे खराब होने से परीक्षक पसीने से तर दिखे। जेडी ने डीआईटोएस और उप नियंत्रक प्रेमचंद्र यादव को व्यवस्था सही करने का निर्देश दिया। उप नियंत्रक प्रेमचंद्र यादव ने बताया कि मूल्यांकन के लिए 400 परीक्षकों को बुलाया गया था, जिसमें 150 कम पहुंचे। जेडी ने सभी से स्पष्टीकरण मांगा है। कहा कि एडेड विद्यालयों के परीक्षकों का वेतन रोका जाएगा। इस मौके पर डीआईओएस अशोक चौरसिया आदि रहे।