ज्ञानपुर। सावन के पहले सोमवार को कालीन नगरी के आंगन में इंद्रदेव ने पूरे दिन महादेव का जलाभिषेक किया। सुबह से लेकर शाम तक कभी तेज तो कभी रिमझिम फुहारों से चहुंओर सावनी छटा बिखर गई। लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में भारी जलभराव भी हो गया। खेतों में धान की रोपाई ने जोर पकड़ लिया।
हफ्तेभर से लगभग प्रतिदिन हो रही बारिश का सिलसिला सोमवार को तेज हो गया। सुबह हुई तो रिमझिम बरसात का सिलसिला शुरू था। कुछ देर रुक-रुक कर हुई बारिश के बाद साढ़े 10 बजे के आसपास बादलों की घनी घेरेबंदी हुई और इंद्रदेव मेहरबान हो गए। तकरीबन एक घंटे तक झमाझम बारिश के बाद 10 मिनट का विराम और फिर बारिश शुरू हो गई। यह सिलसिला शाम छह बजे तक चलता रहा। इस दौरान सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया। जानकार रात में भी बारिश की संभावना से इनकार नहीं कर रहे थे। इस सीजन की बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अब तक भदोही जिले में 497 मिमी. बारिश हो चुकी है। जबकि पिछले वर्ष अब तक केवल 10 मिमी. बारिश हुई थी। विभाग के मुताबिक अब तक 137 मिमी. बारिश होनी चाहिए। मगर इस बार यह सामान्य से लगभग चार गुना है। इससे किसानों की बल्ले-बल्ले है। हालांकि कुछ किसानों की पीड़ा यह भी है कि बारिश के मौका न देने के कारण इस खरीफ के सीजन में दलहनी फसलों की बुआई नहीं हो पाई। दलहनी के लिए कम से कम एक सप्ताह की फुरसत मिलती तो खेत जोतकर बुआई कर दी जाती, मगर लगातार बारिश होती रही।
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