गोपीगंज। देश में हर दिन सड़क दुर्घटना में 45 हजार लोगों की मौत होती है। नियमों की अनदेखी से ज्यादातर युवा सड़क दुर्घटना के शिकार होते हैं। यह बातें सीओ यातायात राजीव सिंह ने सोमवार को गोपीगंज के गुरूकुलम शिक्षण संस्थान में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में बच्चों से बातचीत करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि संयम और अनुशासन से न सिर्फ हम सड़क दुर्घटनाओं से बच सकते हैं, बल्कि परिवार और समाज के लिए भी बेहतर योगदान दे सकते हैं। हर व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी होनी चाहिए कि वह बनाए गए नियमों का खुद पालन करें और दूसरों को भी उसके लिए प्रेरित करें। कई बार हमारी छोटी सी गलती, जिंदगी भर के लिए पछतावे का कारण बनती है। उन्होंने अमर उजाला के पहल की सराहना की। कहा कि इस तरह के जागरूकता वाले कार्यक्रम से हमारी पीढि़यां जागरूक होती हैं। उन्होंने बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी देने के साथ-साथ यह भी बताया कि किस तरह ट्रैफिक नियमों का पालन कर हम दुर्घटनाओं को कम कर सकते हैं। बताया कि हर बच्चा खुद भी जागरूक हो और अपने घर में भी बड़ों को जागरूक करें तो निश्चित तौर पर परिवर्तन देखने को मिलेगा। पुलिस हर जगह सख्ती से नहीं निपट सकती, इसलिए हमें अपनी जिम्मेदारियों का आभास होना बहुत जरूरी है। इस दौरान प्रबंधक रोहित सिंह, प्रधानाचार्य अमरेन्द्र कर्ण, पंकज सिंह, बालेश्वर सिंह, गौरव कुमार, लवली अग्रवाल समेत 200 से अधिक बच्चे रहे।
बच्चों के सवाल
सवाल: सर, सिविल व यातायात पुलिस में क्या अंतर है?
जवाब: सिविल व यातायात पुलिस में कोई अंतर नहीं है। बस हमारी जिम्मेदारी थोड़ी अलग होती है। हम यातायात प्रबंधन के लिए काम करते हैं। (यशवंत यादव, कक्षा-11)
सवाल: सर, यातायात पुलिस की क्या जिम्मेदारी होती है?
जवाब: यातायात पुलिस की जिम्मेदारी यातायात प्रबंधन के साथ जाम रोकने और दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात नियमों का पालन कराने की होती है। (ईशा सिंह, कक्षा-11)
सवाल: सर, एआरटीओ व यातायात विभाग में क्या अंतर है?
जवाब: एआरटीओ के पास लाइसेंस जारी करने और निरस्त करने का अधिकार है। वहीं, हम प्रबंधन और नियमों की अनदेखी को रोकने और पालन कराने का काम करते हैं। (आदर्श मिश्रा, कक्षा-12)
सवाल: सर, यातायात को लेकर सीविलियन की क्या जिम्मेदारी है?
जवाब: हर एक सीविलियन का जागरूक होना जरूरी है। जब दुर्घटनाएं होती हैं तो आसपास के लोग अगर समय रहते उसे अस्पताल पहुंचा दें तो सड़क दुर्घटना में मौत के आंकड़े काफी कम हो सकते हैं। (अरिजीत यादव, कक्षा-11)
सवाल: सर, अगर पुलिस यातायात की अनदेखी करती है तो क्या होगा?
जवाब: नियम हम सबके लिए बराबर है। अगर कोई पुलिस वाला भी यातायात नियम की अनदेखी करता है तो उनका भी चालान किया जाता है। (वैष्णवी दुबे, कक्षा-11)
सवाल: वाहन चलाने की सही उम्र क्या है और क्या जरूरी होता है?
जवाब: वाहन चलाने की सही उम्र 18 साल के बाद ही है। हमें यातायात नियमों की जानकारी होनी चाहिए और वाहन पर अच्छे तरह से कंट्रोल करना सीख लें, तभी वाहन चलाएं। (रवीश मिश्रा, कक्षा-12)