ज्ञानपुर। राजस्थान में स्कूल भवन गिरने की घटना ने नौनिहालों के सुरक्षा की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश सरकार ने सभी स्कूलों की ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। जिले के 162 परिषदीय विद्यालयों में नौनिहाल जान खतरे में डालकर भविष्य संवारने में जुटे हैं। भवन जर्जर घोषित होने के बाद भी उसे ढहाया नहीं गया है। किसी स्कूल की छत से पानी टपकता है तो कहीं सरिया झांक रही है। एक स्कूल ऐसा भी है जिसके किनारे तालाब है। उसकी नींव दरक रही है। अब उसके धंसने की आशंका बनी है। मिशन कायाकल्प, कंपोजिट ग्रांट और अन्य मदों से मिलने वाले बजट से भवनों को बनाया जा रहा है। हर साल बारिश शुरू होने से पहले शिक्षा विभाग सर्वे कराता है। मई में कराए गए सर्वे में 162 विद्यालय भवन जर्जर हालत में थे। इसमें से विभाग की ओर से अब तक 100 भवनों को ध्वस्त या निष्प्रयोज्य घोषित किया जा चुका है। वहीं, 62 भवन ऐसे हैं जहां कक्षाएं चल रही हैं। यहां साढे पांच हजार बच्चे पढ़ते हैं।
पांच सालों में घटे 173 जर्जर भवन
साल 2021 से 2025 तक जर्जर भवनों की संख्या घटकर 335 से 162 तक पहुंच गई है। 62 विद्यालयों में नीलामी प्रक्रिया पूरी न होने से भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इससे कहीं बच्चों को एक ही कक्षाओं में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है तो कहीं बच्चे बरामदे पढ़ रहे हैं। कुछ जगह तो जर्जर भवन में बच्चे पढ़ रहे हैं।
कुछ ऐसा है स्कूलों का हाल
लीलापुर प्राथमिक विद्यालय के भवन में दरार आ गई है। बारिश में भवन की छत टपकती है। यहां 155 बच्चे पढ़ते हैं। भवन जर्जर घोषित होने के बाद भी सिर्फ सर्वे ही हो सका है। बच्चे यहीं पढ़ाई करते हैं।
झौंवा कंपोजिट विद्यालय तालाब के किनारे है। यहां 450 बच्चे हैं। भवन की नींव दरकने लगी है। तालाब की मिट्टी धंसने से नींव खिसकने लगी है। कभी भी भवन ढह सकता है।
उच्च प्राथमिक विद्यालय लखनपुर भदरांव का भवन बाहर से रंगरोगन होने के कारण ठीक दिखता है। स्कूल में चार भवन हैं। एक भवन की छत से सरिया दिखती है और छत से प्लास्टर टूटकर गिरता है। बच्चों की कक्षाएं बरामदें में चलाई जाती हैं। यहां 80 बच्चे पढ़ते हैं।
प्राथमिक विद्यालय मवैयाथान सिंह के स्कूल भवन की दो कक्षाओं में पानी टपकता है। दीवारें सीलन से भींगी है। यहां 115 बच्चे पढ़ते हैं। फर्श पर टाइल्स नहीं लगी है।
आंकड़ों में एक नजर
कुल परिषदीय विद्यालय : 855
बच्चों की संख्या : 1 लाख 47 हजार
चिह्नित जर्जर भवन : 162
ध्वस्तीकरण व निष्प्रयोज्य : 100
बचे स्कूल : 62
जर्जर भवन में पढ़ने वाले बच्चे : 5500
162 जर्जर भवनों को निष्प्रयोज्य घोषित किया जा चुका है। इसमें 100 से अधिक भवन ध्वस्त हो चुके हैं। डीएम से अनुमति लेकर जल्द सभी भवनों को ध्वस्त कराया जाएगा।
- विकास चौधरी, प्रभारी बीएसए।