वर्तमान में सहालग के साथ रमजान भी चल रहा है। ऐसे में गैस सिलिंडर की आपूर्ति प्रभावित होती है तो इसका असर हर वर्ग पर देखने को मिलेगा। शादी के सीजन में कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति न होने से घरेलू सिलिंडर का ज्यादा प्रयोग होता है। इससे एजेंसियो और उनके गोदामों पर भीड़ बढ़ गई है। एलपीजी गैस डिस्ट्रीब्यूशन एसोसिएशन की अध्यक्ष अरूण मिश्रा ने बताया कि पहले तो नहीं अब धीरे-धीरे समस्या बढ़ रही है। लोग पैनिक होकर बुकिंग करा रहे हैं। जिससे एजेंसियो पर भीड़ पहले की अपेक्षा बढ़ी है। पहले हर गाड़ी में 10 से 12 व्यावसायिक सिलिंडर आते थे, अब नहीं आ रहे हैं।
क्या बोले लोग
- सरकार को जल्द से जल्द व्यवायिक सिलेंडरो की आपूर्ति को शुरू कराना चाहिए। ऐसा न होने पर रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। रेस्टोरेंट और होटल बंद हो सकते हैं। वैकल्पिक व्यवस्था से काम चलाया जा रहा है, लेकिन दो से तीन दिन बाद संटक और बढ़ जाएगा। -संजय उमर वैश्य, रेस्टोरेंट संचालक
- कामर्शियल सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। एजेंसियों ने मोबाइल बंद कर दिए हैं। ऊंची कीमत में भी नहीं मिल पा रहा है। जो सिलेंडर लगा है उसके खत्म होने के बाद होटल और रेंस्त्रां बंद करने की नौबत आ जाएगी। -विजय कुमार चौरसिया, होटल संचालक
- जिनके यहां शादी पड़ी हैं उनके माथे पर बल पड़ गया हैं। ईंधन सिलेंडर जिसके पास है वह काला बाजारी कर रहा है। एक दो दिन में स्थिति बढ़ जाएगी। -आरिफ अंसारी, मैरिज लान संचालक
- स्कूलों में लकड़ी से एमडीएम बनाने पर रोक है। बुधवार को विद्यालय का सिलेंडर खत्म हो गया। एजेंसी पर न मिलने के कारण घर का सिलेंडर से एमडीएम बनवाया गया। आपूर्ति न सुधरी तो विद्यालयों में एमडीएम बनाने में दिक्कत होगी। -सुधीर सिंह, प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय पड़ाव
क्या बोले अधिकारी
जिले में फिलहाल सिलेंडर आपूर्ति को लेकर कोई संकट नहीं है। कुछ लोग पैनिक होकर बुकिंग कर रहे हैं। पांच मार्च तक की बुकिंग वाले ग्राहकों को सिलेंडर मिल चुका है। कर्मिशियल सिलेंडर की आपूर्ति ऊपर से ही बंद की गई है। कई एजेंसियो की जांचकर नजर रखी जा रही है। -सुनील कुमार, डीएसओ
ये भी जानें
- जिले में कुल एजेंसी- 40
- सिलेंडर के कुल उपभोक्ता 5,10000
- उज्जवला के लाभार्थी: 207509
- कामर्शियल के लाभार्थी: करीब 15 हजार
- प्रमुख कंपनिया: इंडेन, भारत गैस, एचपी