स्वच्छ भारत मिशन के फेज-2 में गंगा के तटवर्ती 47 ग्राम पंचायतों में नौ करोड़ 44 लाख की कार्ययोजना की जांच शुरू हो गई है। ग्राम प्रधानों और सचिव की तरफ से तैयार कार्ययोजना की जांच के लिए 25 अवर अभियंताओं की टीम लगाई गई है। जांच पूर्ण होने पर संबंधित गांव में स्वच्छ भारत मिशन का बजट आवंटित होगा। जिन गांव की कार्ययोजना सही नहीं होगी उनका बजट रोका जाएगा।
जिले की 546 ग्राम पंचायतों में पहले चरण में एकल शौचालय और सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया गया है, लेकिन कूड़े का निस्तारण नहीं होने से गंदगी फैली रहती है। जिसे ठीक करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के फेज-2 में 17 राजस्व गांव को मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। जहां डोर टू डोर कूड़ा निस्तारण, ठोस कूड़ा प्रबंधन, वर्मी कंपोस्ट पिट निर्माण सहित नगरों के तहत पर अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं। 17 राजस्व गांव के साथ ही अब गंगा से सटे 47 ग्राम पंचायतों को भी मॉडल गांव के रूप में विकसित करने की कवायद चल रही है।
पंचायत राज विभाग की ओर से मांगी गई कार्ययोजना को सचिव और प्रधानों ने सौंप दिया है, हालांकि कई गांव में इस्टीमेट से अधिक धनराशि को शामिल किया है। जिसको संज्ञान में लेते हुए पंचायती राज विभाग क्रॉस चेकिंग के लिए 25 अवर अभियंताओं की टीम लगा दी है। जिन्हें एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करना है। जिला समन्वयक स्वच्छता सरोज पांडेय ने कहा कि जेई की जांच पूर्ण होने पर बजट का आवंटन होगा। उन्होंने बताया कि जिन गांव की कार्ययोजना सही नहीं होगी वहां सुधार कराया जाएगा।
इन गांव में होना है काम
ज्ञानपुर। डीघ ब्लॉक में नारेपार, बारीपुर, डीघ उपरवार, सुजातपुर, बेरासपुर, छेछुआ, तुलसीकला, भमौरी-शेरपुर, इनारगांव, अरता, प्रयागदासपुर, शिवनाथपट्टी, जगापुर, सदाशिवपट्टी, गिराई, कौलापुर, बिहरोजपुर, फुलवरिया, बनकट, गोपालापुर, त्रिभुवनपुर, कलिंजरा, गोलखरा, औराई के बरजी, जगन्नाथपुर सहित अन्य गांव शामिल हैं।