सुरियावां के सेवाश्रम इंटर कॉलेज की करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने के मामले की पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।
राजस्व टीम की जांच के बाद धोखाधड़ी और कुटरचना की पुष्टि होने पर डीएम शैलेष कुमार के निर्देश पर सात के खिलाफ विभिन्न धाराओं में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना शुरू होने के साथ ही अब आरोपियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। सेवाश्रम इंटर कॉलेज माध्यमिक शिक्षा विभाग से वित्तपोषित विद्यालय है। करीब आठ दशक पुराने विद्यालय की सुरियावां चौराहे पर काफी जमीन है।
कीमती जमीन पर भूमाफिया की नजर काफी समय से थी। पांच दिन पूर्व कॉलेज की प्रबंध समिति के कार्यकारिणी सदस्य जटाशंकर दुबे की तहरीर पर पुलिस ने सात के खिलाफ धोखाधड़ी, कुटरचना, राजस्व अभिलेखों में हेरफेर करने की प्राथमिकी दर्ज की थी। इसमें आरोप लगा था कि प्रमिला पासी और परमात्मा उर्फ नन्हे दुबे ने मिलकर आराजी संख्या 566 ख का एक फर्जी सट्टा हरिप्रकाश उपाध्याय के नाम पर दिखाया।
इस दौरान नियमों का उल्लंघन करते हुए अनुसूचित जाति की भूमि का अंतरण दर्शाया गया। साथ ही, चौहद्दी बदलकर विद्यालय की बेशकीमती सड़क किनारे वाली जमीन (आराजी संख्या 705) को दर्शाया गया। 30 जून 2026 को पुलिस बल की मौजूदगी में राजस्व टीम ने पैमाइश की।
इस दौरान विद्यालय की भूमि पर अवैध अतिक्रमण और सरकारी दस्तावेजों में जालसाजी की पुष्टि हुई। डीएम के निर्देश पर पुलिस ने कैलाश नाथ दूबे, परमात्मा उर्फ नन्हे दुबे, अचल दुबे, कुशल दुबे निवासी कुसौड़ा, अनिल मिश्रा निवासी नेता नगर, प्रमिला पासी निवासी कैड़ा और हरिप्रकाश उपाध्याय निवासी कांवल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
मामले की विवेचना उपनिरीक्षक शकील खान को सौंपी गई है। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। मामले में जल्द ही आरोपियों गिरफ्तारी की जाएगी।