बीमा कंपनी के अधिकारियों को आयोग ने फटकारा
बताया कि उनके पुत्र अजयदीप मिश्रा ने फैमिली हेल्थ ऑप्टिमा इंश्योरेंस 11 दिसंबर, 2022 से 10 दिसंबर, 2023 के लिए क्रय किया था। जिसमें उन्होंने अपने साथ पिता भावना शंकर मिश्रा और मां लक्ष्मी नाथ मिश्र को भी कवर कर किया था।
बताया कि अगस्त, 2023 में वे अपने बेटे अजयदीप मिश्रा के पास गुरुग्राम मिलने गई। जहां उनकी तबीयत खराब हो गई। उन्होंने वहीं पर एक निजी अस्पताल में भर्ती होकर उपचार कराया। बताया कि उनको डेंगू हुआ था। कैशलेस ट्रीटमेंट को अस्पताल के माध्यम से क्लेम करने पर इंश्योरेंस कंपनी ने उनके क्लेम को खारिज कर दिया। इस मामले में इंश्योरेंस कंपनी को नोटिस जारी की गयी।
मामले में सुनवाई करते हुए उपभोक्ता आयोग के न्यायाधीश अध्यक्ष संजय कुमार डे के साथ सदस्य दीप्ति श्रीवास्तव व सदस्य विजय बहादुर सिंह की पीठ ने बीमा कंपनी को दो माह के अंदर उपभोक्ता को उसके इलाज में किए गए खर्च के लिए 43 हजार 569 रुपये अदा करने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही क्लेम खारिज करने की तिथि 20 सितंबर 2023 से निर्णय की तिथि तक छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भुगतान करने का आदेश दिया। कोर्ट ने पीड़ित की सेवा में कमी के लिए 25 हजार और वाद व्यय का 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया।