पंचायत राज विभाग ने जिले की 546 ग्राम पंचायतों को वित्तीय वर्ष 2022-23 की कार्ययोजना ई-ग्राम स्वरोज पोर्टल पर अपलोड कराने के लिए नोटिस जारी किया है। विभागीय सख्ती से 115 ग्राम पंचायतों ने कार्ययोजना अपलोड कर दिया है, लेकिन अब भी 431 लापरवाह बने हुए हैं। 31 जनवरी तक कार्ययोजना अपलोड न करने पर विभागीय स्तर से पंचायत सचिवों का वेतन रोक दिए जाने की चेतावनी भी दी गई है। शासन स्तर से बजट में कटौती भी हो सकती है।
ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत गांवों में कराए जाने वाले विकास कार्य (नाली, खड़ंजा, इंटरलाकिंग व अन्य) की तैयार की गई कार्ययोजना को ई-ग्राम स्वरोज पोर्टल पर अपलोड करना होता है। ग्राम पंचायतों में बैठक आयोजित कर योजना तो बनाई जा रही है, लेकिन उसे पोर्टल पर अपलोड नहीं किया जा रहा है, जबकि कार्ययोजना अपलोड न होने से विकास कार्यों के लिए मिलने वाले बजट में कटौती हो सकती है। इसे देखते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी बालेश धर द्विवेदी ने सप्ताह भर पूर्व 546 ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी कर 31 जनवरी तक अनिवार्य रूप से कार्ययोजना को अपलोड करने का निर्देश दिया। इसके बाद भी इस कार्य में उदासीनता बरती जा रही है। स्थिति यह है कि मात्र 115 ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड हो सकी है। इसमें भदोही, औराई, डीघ ब्लॉक में मात्र पांच-पांच ग्राम पंचायतों ने ही कार्ययोजना अपलोड किया है। ज्ञानपुर, अभोली और सुरियावां ब्लॉक से 25 से 30 ग्राम पंचायतों ने कार्ययोजना को पोर्टल पर अपलोड किया है। डीपीआरओ ने चेताया कि निर्धारित समय में कार्ययोजना अपलोड नहीं हुई तो शासन स्तर से बजट में कटौती की जा सकती है। ग्राम प्रधान और पंचायत सचिवों के साथ सहायक विकास अधिकारियों को भी जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।