ज्ञानपुर। दीपावली की खुशियों को इस साल महंगाई बम फुस्स करेगा। रोजमर्रा के जरूरत की वस्तुओं के अलावा खाने-पीने के सामान पर महंगाई का करारा डंडा चला है। दाल से लेकर घी, तेल तक के भाव तेजी से चढ़े हैं। इससे इनके इस्तेमाल से बनाई जाने वाली खाद्य सामग्री पर भी महंगाई का असर साफ दिखाई पड़ने लगा है। चने की दाल ने अरहर को भी पीछे छोड़ दिया है। अरहर की दाल जहां 120 रुपये किलो है, वहीं चने की दाल 130 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है। महंगाई ने आम आदमी के रसोई का बजट बिगाड़कर रख दिया है।
मांग के सापेक्ष कम आपूर्ति और कालाबाजारी के चलते महंगाई पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। सरकारें बदलने के बाद भी स्थिति में कोई फर्क नहीं दिख रहा है। रोजमर्रा से जुड़े सामान से लेकर खाने-पीने की वस्तुओं का दाम दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है। इससे दीपावली की खुशियों पर महंगाई डाका डालती नजर आ रही है। पिछले साल घी जहां 70 रुपये किलो था, वहीं अब 75 से 80 रुपये प्रति किलो में बिक रहा है। सरसों का तेल 105 से 110, चीनी 40 से 42, दाल 110 से 120 तक पहुंच गया है। चने की बढ़ती कीमतों के चलते चने की दाल ने अरहर की दाल को भी पीछे छोड़ दिया है। अरहर की दाल 120 रुपये किलो है तो चने की दाल 130 रुपये में बिक रही है।
किराना व्यापारी उमेश कुमार ने बताया कि मुनाफाखोरी से सामान की कीमत कम नहीं हो रही है। इससे त्योहार पर काफी दिक्कत होगी। ज्ञानपुर के कुवंरगंज की गृहणी अनीता पाल ने कहा कि महंगाई के चलते किचन का बजट बिगड़ गया है।